करनाल, 9 मई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉक्टर सतपाल ने बताया कि हरियाणा योग आयोग तथा आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के उपलक्ष्य में जिला कारागार करनाल में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। आयुष विभाग करनाल के जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल ने बताया कि यह विशेष शिविर 5 मई से 9 मई 2026 तक आयोजित किया गया जिसमें आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ एवं हरियाणा योग आयोग करनाल के नोडल अधिकारी डॉ. अमित पुंज तथा योग इंस्ट्रक्टर श्री अजय व श्री राजेश ने बंदियों को अंतरराष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का गहन अभ्यास करवाया।
आज समापन के अवसर पर कुल 528 बंदियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री लखबीर सिंह बराड़ (HPS) के मार्गदर्शन और डीएसपी श्री सुरेंद्र, डीएसपी श्री धर्मचंद नैन व डीएसपी श्रीमती नीलम की देखरेख में किया गया।

प्रशिक्षण के मुख्य चरण और उनका महत्व:
डॉ. अमित पुंज ने शिविर के दौरान योग के पांच मुख्य स्तंभों पर विशेष प्रकाश डाला:
सूक्ष्म व्यायाम: प्रशिक्षण का आरम्भ जोड़ों को लचीला बनाने वाले सूक्ष्म व्यायामों से हुआ। ये क्रियाएं शरीर की ऊर्जा नलिकाओं (नाड़ियों) के अवरोध खोलती हैं और मुख्य आसनों के लिए शरीर को तैयार करती हैं।
विभिन्न स्थितियों में आसन: बंदियों को खड़े होकर (ताड़ासन), बैठकर (वज्रासन), पेट के बल (भुजंगासन) और पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों का क्रमबद्ध अभ्यास कराया गया। ये आसन शारीरिक मजबूती के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी के संरेखण में सहायक हैं।
प्राणायाम (श्वास नियंत्रण): मन की चंचलता को रोकने के लिए नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम सिखाए गए। डॉ. अमित ने बताया कि नाड़ी शोधन का 10 मिनट का नियमित अभ्यास मन को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
ॐ उच्चारण व मंत्रोच्चार: सत्र की शुरुआत और अंत मंत्रोच्चार के साथ किया गया। ‘ओम्’ की ध्वनि से उत्पन्न कंपन मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सहायक सिद्ध हुई।
मानसिक शांति व ध्यान: अष्टांग योग के सातवें अंग ‘ध्यान’ पर विशेष बल दिया गया। बंदियों को बताया गया कि एकाग्रता प्राप्त करने और मोक्ष की ओर अग्रसर होने का एकमात्र मार्ग ध्यान ही है, जो आत्म-चिंतन की शक्ति देता है।

भावी योजना और अपील:
आयुष विभाग की जिला कार्यक्रम संयोजक श्रीमती पूजा ने बताया कि कारागार के सफल समापन के बाद अब 11 मई से 15 मई तक पुलिस लाइन, कैथल रोड, करनाल में योग प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही करनाल के सभी ब्लॉकों की योग व्यायामशालाओं में आयुष योग सहायकों द्वारा नियमित कक्षाओं में अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण करवाया जा रहा है।
उन्होंने सभी जिले वासियों से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए योग को अपनी दैनिक जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हो सके।

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