थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि धर्म में वह शक्ति है तो युवाओं को बुराई से मुक्ति दिला सकती है। धर्म की प्रेरणा से ही युवाओं को नशे और अपराध की दलदल में फंसने से रोका जा सकता है। अशोक अरोड़ा श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के तत्वावधान में कुरुक्षेत्र वेद विद्यालय एवं छात्रावास भवन के द्वितीय तल का लोकार्पण करने के पश्चात उपस्थित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। श्री महानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा के श्रीमहंत बंसीपुरी के सान्निध्य में आयोजित इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता सभा के पूर्व प्रधान जयनारायण शर्मा ने की। अरोड़ा ने वेदपाठशाला के संस्थापक आचार्य स्वर्गीय बलराम शांडिल्य के चित्र के आगे द्वीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अशोक अरोड़ा ने कहा कि श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा कुरुक्षेत्र वेदपाठशाला एवं छात्रावास के माध्यम से सनातन संस्कृति को संजोए रखने का काम कर रही है। धर्म के प्रति रुचि पैदा करने की प्रेरणा से धर्म के प्रति लगाव पैदा होता है, जिससे युवा वर्ग को नशे और अपराध की प्रवृतियों में फंसने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म एक जीवन जीने की पद्धति है, जो हमें रिश्ते और समाज में रहने की सही तरीके को सिखाती है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र भगवान कृष्ण की कर्मभूमि और गीता की जन्मभूमि है। हरियाणा के प्रत्येक सरकार के कार्यकाल में कुरुक्षेत्र के विकास हेतु कार्य हुआ। अब भी कुरुक्षेत्र के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की वार्षिक बैठक में सन्निहित तीर्थ को सुंदर एवं भव्य बनाने के साथ ही तीर्थ के जल को स्वच्छ रखने के लिए संयंत्र लगाने का सुझाव दिया था जिसे सरकार ने स्वीकार किया और इस दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इसी प्रकार मेला ग्राउंड में करीब 70 एकड़ भूमि पर खड़े सफेदे के जंगल को काटकर भव्य पार्क और पार्किंग बनाने के उनके सुझाव पर भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा नगर की अग्रणी धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है। इस संस्था के प्रतिनिधियों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड में सदस्य के रूप में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।  और सभा के सुझावों को अमल में लाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है  और सभा के सुझावों को अमल में लाना चाहिए।

महंत बंसीपुरी ने अपने अशीवर्चन में कहा कि ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा इस प्रकार की कर्मकांड का पाठशाला चलाकर बड़ा ही सराहनीय कार्य कर रही है। कुरुक्षेत्र की भूमि वैदिक भूमि है। यहां वेदों की रचना हुई। ऐसी धरा पर कर्मकांड की पाठशाला चलाना बड़ा ही प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का कार्य शिक्षा अर्जित कर समाज को नई दिशा देना है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रधान जयनारायण शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और सभा की गतिविधियों का ब्यौरा रखा। सभा की ओर से पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार कौशिक, श्रीप्रकाश मिश्र, पंडित बालकृष्ण सिखौले, राजेंद्र जोशी, जयनारायण शर्मा, जलेश शर्मा, पंडित पवन शर्मा पौनी, श्याम सुंदर तिवाड़ी को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र निवासी चीनू शर्मा को आइएनसीए फिल्म इंडस्ट्री अवार्ड में टाप 10 में आने पर सभा की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को केके कौशिक, मातृभूमि सेवा मिशन के संचालक डा. श्रीप्रकाश मिश्र, जलेश शर्मा, डॉ हरिदेव शास्त्री  ने भी संबोधित किया। मंच संचालन सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने किया।

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