कुरुक्षेत्र, 30 अप्रैल। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद एवं योग के सरल उपायों को अपनाकर हीट वेव के प्रभाव से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें, अधिक से अधिक जल का सेवन करें तथा योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, ताकि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकें।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, कुरुक्षेत्र के दिशा-निर्देशानुसार जिले में हीट वेव (लू) से बचाव के लिए आयुर्वेद एवं योग आधारित जागरूकता गतिविधियां निरंतर आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमीन में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोनिका द्वारा आए हुए मरीजों एवं ग्रामीणों को हीट वेव के दुष्प्रभावों, लक्षणों एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आयुर्वेद के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में अपनाई जाने वाली दिनचर्या, खान-पान एवं घरेलू उपायों के बारे में भी बताया गया।
योग सहायक राय सिंह द्वारा उपस्थित लोगों को गर्मी से बचाव के लिए शीतली एवं शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया तथा इनके नियमित अभ्यास से शरीर को शीतल रखने एवं लू से बचाव में मिलने वाले लाभों के बारे में समझाया गया। इसी कड़ी में आयुष आरोग्य मंदिर, दबखेड़ा में भी आशा वर्कर्स एवं ग्रामीणों के साथ हीट वेव से बचाव हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. मीना द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां, अधिक पानी पीने, हल्का व सुपाच्य आहार लेने तथा धूप से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
इसी कड़ी में सारसा के स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायत नानकपुरा में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डॉ अनामिका द्वारा आमजन को ऋतुचर्या एवं दिनचर्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट पुष्पा द्वारा किया गया तथा कुल 68 मरीजों की जांच की गई। इस शिविर में राम निवास (योग सहायक) द्वारा योग अभ्यास करवाया गया व आसन व प्राणायाम के बारे में जानकारी दी गई।
