अंबाला। रेलवे की लाइफलाइन मानी जाने वाली प्रीमियम ट्रेनें शताब्दी और जनशताब्दी के डिब्बों का कायापलट होने जा रहा है। देश भर में सौ से अधिक शताब्दी और जनशताब्दी पटरी पर दौड़ रही हैं।

अब इन ट्रेनों में यात्रियों को मिल रही सुविधाओं को आठ बिंदुओं पर चेक करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। 16 अप्रैल 2026 को रेल मंत्रालय ने देश भर के सभी जोन के महाप्रबंधक को आदेश जारी किए हैं और कहा गया है कि इन ट्रेनों में अधिकारी निरीक्षण कर अपना प्लान तैयार करें कि क्या सुधार किया जा सकता है।

दरअसल सेमी-हाइस्पीड वंदेभारत एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है जबकि इससे पहले शताब्दी एक्सप्रेस यात्री की पहली पंसद थी। वंदेभारत में मिल रही आधुनिक सुविधाओं के बाद अब शताब्दी के पुराने पड़ रहे कोच यात्रियों की पसंद से बाहर हो रहे हैं। इसलिए शताब्दी और जनशताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को भी वंदेभारत एक्सप्रेस की तर्ज पर ही सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है।

यह दी जाएंगी शताब्दी और जनशताब्दी में सुविधाएं

शताब्दी और जनशताब्दी में यात्रियों को अब आधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है। इसके तहत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, आराम और सेवा स्तर देने के लिए ट्रेनों की स्थिति को दुरुस्त रखना और यात्री इंटरफेस से जुड़े हिस्सों में सुधार करना अनिवार्य होगा।

अब रेलवे द्वारा इन ट्रेनाें के शौचालयों के दरवाजे, लाक, वॉशबेसिन, फ्लशिंग सिस्टम और ड्रेनेज को आधुनिक किया जाएगा। इसी तरह यात्रियों की सीटों के पास चार्जिंग पोर्ट, स्नैक टेबल, फुटरेस्ट आर्म रेस्ट की सुविधा भी दी जाएगी। इसी तरह कोच में यात्रियों को झटका न लगे, इसके लिए भी बदलाव किया जाएगा,

जबकि वेस्टिब्यूल और गैंगवे एरिया (जिससे यात्री एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जाते हैं) को सुधार किया जाएगा। इसके अलावा कोच के भीतरी हिस्सों जैसे फर्श पैनलिंग का भी नवीनीकरण होगा, जबकि बाहरी लुक, खिड़कियों और डिस्प्ले बोर्ड को अपग्रेड किया जाएगा। इसी रतह सैलून, दरवाजे और वाशरूम में प्रकाश की व्यवस्था रहेगी जबकि यात्री सूचना प्रणाली और सीसीटीवी सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा।

सभी जोनल रेलवे से ऑडिट भी मांगा

रेलवे ने शताब्दी और जनशताब्दी ट्रेनों में जहां यात्री सुविधाओं को चेक करने और फिर इनको और सुधार के निर्देश दिए हैं, वहीं इसको लेकर विस्तृत आडिट रिपोर्ट भी मांगी है। यह रिपोर्ट सभी जोनल रेलवे को देनी होगी।

रेल अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि वे कमियों की पहचान करें और एक शार्ट-टर्म एक्शन प्लान के तहत तय समय सीमा में काम पूरा करें। बता दें कि देश के विभिन्न हिस्सों में 25 जोड़ी शताब्दी और 28 जोड़ी जनशताब्दी ट्रेनें चल रही हैं। यानी कुल मिलाकर 100 से अधिक ट्रेनों के डिब्बों को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

अंबाला से दस शताब्दी ट्रेनों की आवाजाही

अंबाला कैंट से करीब दस शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों का आवागमन होता है। यह ट्रेनें कालका, चंडीगढ़ से वाया अंबालाहोते ही छह शताब्दी ट्रेनें हैं। अमृतसर से दिल्ली वाया अंबाला चार ट्रेनें हैं। इन ट्रेनों में अच्छी खासी यात्री संख्या है, जबकि यात्री सुविधाएं बढ़ने के बाद यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

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