समालखा। शहर में आवारा कुत्तों की भरमार है। नगर परिषद के ठेकेदार ने विगत तीन माह में करीब 1350 पुरुष कुत्तों को पकड़ कर उसकी नसबंदी की है। फिर भी इनकी संख्या कम नहीं हो रही है। राहगीरों को कालोनियों में गुजरना दूभर हो रहा है। वहीं अस्पताल में कुत्ता काटने के केस बढ़ते जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि शहर वासियों की मांग प नगर परिषद ने गत दिसंबर माह में शहर में कुत्तों को पकड़ने और उसकी नसंबदी करने का ठेका छोड़ा था। ठेकेदार के कारिंदे गत 23 दिसंबर से शहर में कुत्ते को पकड़ रहे हैं। अभी तक शहर के कुछ वार्डों में ही कुत्तों को पकड़ा गया है। हालांकि कुत्तों को पकड़ने में पार्षद सहित लोग कारिंदों का उचित सहयोग नहीं कर रहे हैं।
फिर भी ठेकेदार के कारिंदों ने दिसंबर से जनवरी तक 550, फरवरी में 450 और मार्च में अब तक 350 आवारा कुत्तों को पकड़ा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को गंतव्य जगहों पर छोड़ दिया गया है। नगर परिषद की ओर से कुत्तों को रखने के लिए पुरानी तहसील के खंडहर मकान में शेल्टर होम बनाया गया है।
मालूम हो कि शहर सहित ग्रामीण अंचल से कुत्ता काटने के 300 से अधिक केस हर माह सरकारी अस्पताल में आते हैं। जहां बीपीएल परिवार को निश्शुल्क तो सामान्य व्यक्तियों को 100 रुपये में टीका लगाया जाता है। एक व्यक्ति को माह के भीतर चार टीके लगाए जाते हैं।

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