अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में कुवि बना सांस्कृतिक चैम्पियन, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
कुरुक्षेत्र, 14 मार्च।
 भारतीय विश्वविद्यालय संघ के तत्वावधान में 10 से 14 मार्च 2026 तक सत्यभामा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई में आयोजित 39वें अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय राष्ट्रीय युवा महोत्सव में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सांस्कृतिक श्रेणी में पहली बार चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की प्रतिभा, कठोर परिश्रम और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है और यह अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है तथा इस सफलता ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।
प्रो. विवेक चावला ने बताया कि देशभर के 142 विश्वविद्यालयों की भागीदारी वाले इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 14 स्थान प्राप्त किए। विश्वविद्यालय की ओर से आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सनातन धर्म महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए सांस्कृतिक, साहित्यिक और प्रदर्शन कलाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 8 प्रथम, 2 द्वितीय तथा 4 तृतीय स्थान प्राप्त किए। प्रथम स्थान सांस्कृतिक शोभायात्रा, शास्त्रीय वाद्य एकल (अताल वाद्य – सारंगी), सृजनात्मक नृत्य संयोजन, लोक/जनजातीय नृत्य, स्वरानुकरण (मिमिक्री), अंग्रेज़ी वाद-विवाद तथा मृत्तिका शिल्प प्रतियोगिता में प्राप्त हुए। द्वितीय स्थान लोक वाद्यवृंद तथा हिंदी भाषण प्रतियोगिता में प्राप्त हुआ। तृतीय स्थान पाश्चात्य वाद्य एकल, पाश्चात्य समूहगान तथा भारतीय समूहगान में प्राप्त हुआ, जबकि लघु नाटिका प्रतियोगिता में टीम को चौथा स्थान मिला। इसके अतिरिक्त एकांकी नाटक प्रतियोगिता का परिणाम उच्च न्यायालय के आदेश के कारण घोषित नहीं किया गया है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया  ट्रॉफियों की दृष्टि से भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विश्वविद्यालय को नृत्य ट्रॉफी में समग्र विजेता घोषित किया गया, जबकि साहित्यिक ट्रॉफी में समग्र तृतीय उपविजेता का स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि में टीम के साथ अधिकारियों के रूप में डॉ. विवेक चावला (युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समन्वयक एवं केयूसीसी अध्यक्ष), डॉ. ऋषि पाल (दल प्रबंधक), डॉ. हरविंदर राणा, डॉ. नीलू रानी तथा डॉ. अकरम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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