बिजली निगम के मुख्यालय पर गेट मीटिंग करने के बाद किया जोरदार प्रदर्शन
सरकार व निगम को दी चेतावनी, अगर नहीं मानी मांगें तो आंदोलन को और किया जाएगा तेज
स्टेट कार्यकारिणी के आह्वान पर हो रहे धरना प्रदर्शन में भाग लेने वाले कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनिट प्रधान कृष्ण चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार व बिजली निगम जानबूझ कर ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी कर्मचारियों पर थोप रहा है, क्योंकि यह पालिसी सरासर कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के लिए यह पालिसी घातक व जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली निगम के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। फील्ड में बिजली लाइनों का जाल बिछा हुआ है। अगर नया कर्मचारी बदलकर आएगा तो उसे काम करना मुश्किल होगा, क्योंकि उसे यहां का ज्ञान नहीं होगा और कभी भी कर्मचारी दुर्घटना का शिकार हो सकता है। कर्मचारी को मौत के साये में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी से विभाग को वित्तीय नुकसान होगा। यह पालिसी ना तो विभाग के हित में और ना ही कर्मचारियों के हित में है और ना ही जनता के हित में है। उन्होंने कहा निगम इस पालिसी को जबरदस्ती कर्मचारियों पर थोपने का काम कर रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कैशलेस पालिसी, कच्चे कर्मचारियों के लिए जल्द पोर्टल बनाया जाए, पुरानी पेंशन की बहाली, एक्सगे्रसिया पालिसी लागू करना उनकी मुख्य मांगें हैं, लेकिन निगम व सरकार जानबूझ कर उनकी मांगों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा।
इस मौके पर रविंद्र सैनी, कीर्ति खोसला, अशोक, अजीत कुमार, कृष्ण लाल, अमनदीप, विकास पाल, लवकेश, मोबिन, रमेश कुमार, सुदर्शन, संजय, नरेश कुमार, अमर, इंद्र कुमार, सोनू, सुच्चा सिंह, राजीव कुमार, बालकिशन, बीरबल, विनोद कुमार, ईश्वर, अमित कुमार, मैडम स्वाति, निशा, पूजा, सोनिया, सीमा, रजना, रीतिका, सरिता, मनप्रीत, सुरेंद्र, रविंद्र आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
