इंडोनेशिया में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज
भारत-बाली में सांस्कृतिक तालमेल केंद्र निर्माण के लिए भूखंड का आया प्रस्ताव
दोनों सरकारों के प्रतिनिधि भेजेंगे आधिकारिक रूप से प्रस्ताव,कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाना चाहता है इंडोनेशिया,दुनिया के कल्याण के लिए है गीता, किसी एक देश,धर्म,भाषा,समुदाय की नहीं:गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने दुनियाभर में किया गीता का प्रचार प्रसार:अरविंद शर्मा
-गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र में इस बार 40 देशों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा विदेश मंत्रालय:डा.नीना मल्होत्रा
सोनिका वधवा
कुरुक्षेत्र।  इंडोनेशिया की बाली संसद सभागार में तीन दिवसीय छठे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज  हुआ। इंडोनेशिया के बाली में शुक्रवार को श्रीमद्भगवद्गीता को विराजित किया गया।इसी के साथ गीता महिमा और भारत-इंडोनेशिया के प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए विचार मंथन हुआ। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पहले दिन करीब चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाली के वाइस चेयरमैन (डीपीआरडी)के वाइस गवर्नर नोवासेवी पुत्रा,मुख्य वक्ता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज,मुख्यातिथि हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा,विदेश मंत्रालय दक्षिण क्षेत्र की सचिव डा.नीना मल्होत्रा,बाली विधायक प्रोफेसर सोमवीर,बाली में भारत के सीजीआई शशांक विक्रम,बाली के विधायक बुद्धि उत्तमा, विधायक राकी, विधायक मेदू पार्ता मौजूद रहे। बाली में भारतीय दूतावास के अधिकारी लवलेश के अलावा,इंग्लैंड,ऑस्ट्रेलिया,स्पेन और अन्य देशों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस अवसर पर गीता मनीषी ने कहा कि श्री गीताजी उपदेश किसी एक देश,एक भाषा,एक समुदाय,एक जाति,एक धर्म के लिए नहीं,बल्कि संपूर्ण मानव व्यवस्था के लिए उपयोगी है। गीता जी से दुनिया को जीवन जीने की कला और सद्भाव एवं शांति का मंत्र मिलता और यह सामंजस्य का प्रतीक है। बाली संसद सभागार में गीता मनीषी ने कहा कि गीता जी की साधना से विश्व को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। पांच हजार साल पहले यह शाश्वत संदेश भारत की पवित्र भूमि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की धरा से निकला और विश्व की अनेक प्रख्यात हस्तियों ने इसके संदेश को मानव मूल्यों के आवश्यक बताया। गीता मनीषी ने बाली में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जापान के साथ दुनिया के अनेक राष्ट्राध्यक्षों को गीता की प्रतिलिपि भेंट करने के साथ यह संदेश दुनियाभर को दिया है कि भारत के पास देने के लिए इस महत्वपूर्ण कुछ नहीं,बल्कि दुनिया को भी भारत से अगर कुछ लेना है तो वह गीता के मूल मंत्र से विश्व का कल्याण करने में अपना योगदान दे सकता है।
हरियाणा सरकार के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने गीता के  बाली संसद  (डीपीआरडी) सभागार में अपने संबोधन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ भारत के अलावा दुनिया के अन्य कई देशों में गीताजी के प्रचार प्रसार के लिए दिये गये योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गीता मनीषी जी ने जो दुनियाभर में गीता जी के प्रचार प्रसार को लेकर जो मुहिम चलाई है,वह सराहनीय है और आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार और पर्यटन मंत्रालय का दायित्व उनके पास होने के साथ वह अपनी ओर से जो भी कारगर कदम होंगे वह उठाएंगे।
इस अवसर उन्होंने बाली के विधायक एवं कमेटी वन के चेयरमैन प्रोफेसर डा.सोमवीर द्वारा कार्यक्रम के दौरान जो एक महत्वपूर्ण मांग उठाई गई,जिसमें उन्होंने धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सरकार से बाली के लिए एक भूखंड देने की डिमांड की। उन्होंने आग्रह किया भारत और इंडोनेशिया का पुराना नाता है। दोनों देशों के सांस्कृतिक तालमेल के लिए अगर यह कदम उठाया जाए तो बाली की सरकार भारत के कुरुक्षेत्र में हरियाणा राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले भूखंड पर अपना गेस्ट हाऊस और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करेगी।
इस डिमांड पर कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने आश्वस्त किया कि इंडोनेशिया की ओर से एक अधिकारिक तौर पर इसके संबंध में प्रस्ताव भेजा,ताकि कुरुक्षेत्र में इस प्रस्ताव को लेकर आगे बढ़ा जा सके।उन्होंने इस सुझाव भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को लेकर बेहतर बताया।वहीं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से भी बाली (इंडोनेशिया) को इस तरह का प्रस्ताव दिया गया है।
विदेश मंत्रालय (दिकषिण) भारत सरकार की सचिव डा.नीना मल्होत्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन में विदेश मंत्रालय हमेशा एक सहयोगी भूमिका में रहा है। इस बार एक कदम आगे बढ़ाते हुए कुरुक्षेत्र में होने वाले उत्सव के लिए 40 देशों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है। इसी के साथ 25 देशों के स्कॉलर गीता सेमिनार में भाग लेंगे।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया, चेयरमैन सुषमा गुप्ता हरियाणा सरकार, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल,48 कोस मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा,गीता महोत्सव अथॉरिटी के सदस्य डा.प्रीतम सिंह एवं विजय नरुला, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पूर्व सदस्य राजेश शांडिल्य,एमके मौद्गिल,अशोक रोशा,ऋषिपाल मथाना,जीओ गीता यूके के महासचिव मनीत कपूर,केशव शरण, जीओ गीता स्पेन के महासचिव कृष्ण कुमार सैनी,वरिष्ठ पत्रकार डा.बिजेंद्र बंसल एवं आरके मुद्गिल व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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