विद्यार्थियों को दी पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी
कुरुक्षेत्र, 09 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जवाहर लाल नेहरू पुस्तकालय द्वारा मंगलवार को सावित्री बाई फुले ब्लॉक में विभिन्न शिक्षण विभागों के नव-विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष ड़ॉ. चेतन शर्मा, पुस्तकालयाध्यक्ष ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू पुस्तकालय विद्यार्थियों की विभिन्न शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध प्रिंट और ई-संसाधनों, ऑनलाइन डेटाबेस, पुस्तकों की खोज प्रक्रिया, पुस्तक निर्गमन प्रणाली, डिजिटल लाइब्रेरी, अध्ययन कक्षों और अनुसंधान सहायता सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रत्येक शिक्षण विभाग के विद्यार्थियों को तय कार्यक्रम अनुसार बुलाया गया तथा पुस्तकालय की विभिन्न गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।
डॉ. चेतन शर्मा ने बताया कि पुस्तकालय में एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली (आई.यू.एम.एस सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन) को लागू किया गया है। यह आई.यू.एम.एस सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन शिक्षण से सम्बन्धित किसी भी कार्य को अच्छे ढंग से करने की क्षमता रखता है। इस अभिविन्यास कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक विभागों के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की व पुस्तकालय के विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर पुस्तकालय के कर्मचारी तकनीकी सहायक सुखराज सिंह, और डॉ. अनिल कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।
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अभिविन्यास कार्यक्रम का उद्देश्य
अभिविन्यास कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकालय की सेवाओं, संसाधनों और उपयोग की प्रक्रिया से परिचित कराना है जिससे वे अपनी शैक्षणिक यात्रा में पुस्तकालय का अधिकतम लाभ उठा सकें। नव-विद्यार्थियों एवं उपयोर्क्ताओं को पुस्तकालय, इसके संग्रह व पुस्तकालय द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का अधिकतम उपयोग कैसे करें, के बारे में अवगत कराया गया।
कुरुक्षेत्र, 09 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग तथा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से 10 से 12 सितंबर तक तीन दिवसीय बहुभाषी अनुवाद कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला अपने प्रकार की पहली शैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न भारतीय भाषाओं के बीच संवाद और अनुवाद परंपरा को सुदृढ़ करना है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि कार्यशाला का उद्घाटन 10 सितंबर, बुधवार को प्रातः 10.00 बजे विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया जाएगा। इस अवसर पर साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के प्रधान डॉ. माधव कौशिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यशाला का उद्घाटन करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
पंजाबी विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि अनुवाद केवल भाषा बदलने की प्रक्रिया नहीं है, यह विचारों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ने वाला सेतु है। इसके माध्यम से हम एक-दूसरे के ज्ञान, साहित्य और अनुभवों को समझ पाते हैं। बहुभाषी अनुवादकों की मांग शिक्षा, आईटी, पर्यटन, मीडिया एवं उद्योग-व्यापार जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। विज्ञान, तकनीक और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों की उपलब्धियाँ भी अनुवाद के जरिए ही विश्वभर तक पहुँचती हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश में तो अनुवाद और भी महत्वपूर्ण है। यह हमारी विविधता को जोड़कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। साथ ही, वैश्विक स्तर पर व्यापार, शिक्षा और कूटनीति में भी इसकी अहम भूमिका है। इसलिए कहा जा सकता है कि बहुभाषा अनुवाद हमें न केवल आपस में जोड़ता है, बल्कि हमें दुनिया से भी जोड़ता है जो इसकी सबसे बड़ी महत्ता के रूप में सामने आता है।
पंजाबी विभाग के अध्यक्ष प्रो. कुलदीप सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में पंजाबी सलाहकार बोर्ड साहित्य अकादमी दिल्ली के संयोजक प्रो. रवेल सिंह मुख्य भाषण देंगे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए प्रतिष्ठित विद्वान, साहित्यकार, प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से बहुभाषी साहित्य और अनुवाद की परंपरा को नया आयाम मिलेगा।
कुरुक्षेत्र, 09 सितम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार गणित विभाग के प्रो. विनोद को आगामी 19 सितंबर से डीन फैकल्टी ऑफ सांइसिज नियुक्त किया गया है। यह जानकारी लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो.महासिंह पूनिया ने दी।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्रो. विनोद कुमार विश्वविद्यालय कोर्ट तथा एकेडमिक काउंसिल के सदस्य होंगे। अपनी नियुक्ति पर प्रो. विनोद कुमार ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार प्रकट करते हुए पूरी लगन व निष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही।
