चंडीगढ़। हरियाणा शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत दाखिला प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने 1680 निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाया है, जिन्होंने आरटीई दाखिलों का ब्यौरा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।
इनमें 1000 रुपये तक की फीस वाले स्कूलों को 30,000, 3000 रुपये तक की फीस वाले स्कूलों को 70,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं 3000 रुपये से अधिक फीस वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही इस पर सुनवाई करने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, 1128 स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिन्हें जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों ने मान्यता या अन्य आधारों पर खारिज कर दिया है। विभाग ने अल्पसंख्यक दर्जे वाले स्कूलों से भी प्रमाण-पत्र मांगे हैं और सत्यापन के बाद उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा जिन स्कूलों को अभी तक नोटिस नहीं मिला है, उन्हें तुरंत नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया जाएगा।

वहीं, जिन स्कूलों के पास मान्यता प्रमाण-पत्र नहीं है, उनकी सूची अलग से बनाकर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की श्रेणी में डाला जाएगा। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 10 सितंबर तक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल विभाग द्वारा जारी असली और नवीनीकृत मान्यता-पत्र ही मान्य होंगे। हरियाणा शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग का उद्देश्य शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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