बल्क वेस्ट जेनरेटर में पिट की चेंकिंग करें जोन इंचार्ज, अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट की भी करें निगरानी, नो वेंडिंग में न लगने दें रेहडिय़ां, बाजारों में दुकानदार व रेेहड़ी-फड़ी संचालक रखें डस्टबिन- डॉ. वैशाली शर्मा, जिला नगर आयुक्त।
जिला नगरायुक्त ने सेनिटेशन विंग तथा नपा सचिवों के साथ की बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
करनाल 19 अगस्त,          
जिला नगर आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सेनिटेशन विंग के अधिकारियों व नगर पालिका सचिवों के साथ मंगलवार को एक बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगम व नगर पालिका क्षेत्रों में जितने भी बल्क वेस्ट जेनरेटर (बी.डब्ल्यू.जी.) मौजूद हैं, उनमें पिट कार्यात्मक हो। बी.डब्ल्यू.जी., सोलिड वेस्ट वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के अनुसार ही कार्य करें, यह सुनिश्चित किया जाए। अगर वह नियमों के अनुसार कार्य नहीं कर रहे, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई है, उसकी रिपोर्ट दें।
उन्होंने जोन इंचार्ज को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में जितने भी अस्पताल हैं, उनके बायो मेडिकल वेस्ट को कौन सी एजेंसी एकत्र कर रही है और उसका निस्तारण कहां किया जा रहा है, इस पर निगरानी रखी जाए। बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
नो वेंडिंग पर न खड़ी हो रेहडिय़ां- उन्होंने जोन इंचार्ज को स्पष्टï किया कि नो वेंडिंग जोन में कोई भी रेहड़ी-फड़ी नहीं लगनी चाहिए। इस कार्य में जोन इंचार्ज ढील न भरतें, अन्यथा कार्रवाई होगी। बता दें कि महाराजा अग्रसेन चैक से श्रीमद् भगवद् गीता द्वार तक, अम्बेडकर चौक से लोक निर्माण विश्राम गृह, पुराने कमेटी चैक से रणबीर हुड्डïा चैक (कर्ण कैनाल पुलिया), आई.टी.आई. चैक से सेक्टर-9 पुलिया तथा महाराणा प्रताप चौक से ताऊ देवी लाल चौक तक सडकों को नो वेंडिंग जोन किया गया है।
गंदगी व सिंगल यूज प्लास्टिक के करें चालान- उन्होंने जोन इंचार्ज को निर्देश दिए कि वह गंदगी व सिंगल यूज प्लास्टिक के चालान करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जोन इंचार्ज कम से कम 50 मासिक चालान अवश्यक करें। इसी प्रकार नपा अधिकारी भी 50 मासिक चालाना करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चालान करने का मकसद शहर में गंदगी न फैलाना तथा सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध की पालना करवाना है। मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा ने बताया कि निगम क्षेत्र में अभी तक सिंगल यूज प्लास्टिक के 87 चालान किए गए हैं।
सफाई कर्मचारियों की छुटियों पर करें नियंत्रण- उन्होंने निगम अधिकारियों व नपा सचिवों को निर्देश दिए कि वह सफाई कर्मचारियों की छुटियों पर नियंत्रण करें। बिला वजह किसी भी कर्मचारी को छुट्टïी न दी जाए। उन्होंने कहा कि कुल सफाई कर्मचारियों में 5 प्रतिशत तक ही कर्मचारियों को छुट्टïी दी जाए, ताकि शहर में साफ-सफाई का कार्य प्रभावित न होकर सुचारू रूप से चलता रहे।
डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण हो 100 प्रतिशत- उन्होंने निर्देश दिए कि डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण कार्य 100 प्रतिशत होना चाहिए। इसके लिए टिप्परों पर पूरी निगरानी रखी जाए और मोटीवेटर्स की भी ड्यूटी लगाई जाए। बिना कूड़ा एकत्र के कोई भी घर छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों से इसकी फीडबैक ली जाएगी। स्वीपिंग के दौरान निकलने वाले कचरे को भी एजेंसी के वाहन समय पर उठाना सुनिश्चित करें।
बाजारों में दुकानदार व रेहड़ी-फड़ी वाले रखें डस्टबिन- जिला नगरायुक्त ने सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए कि बाजारों में दुकानदार व रेहड़ी-फड़ी वालों के पास डस्टबिन अवश्य होने चाहिएं, ताकि कूड़ा-कचरा इधर-उधर न गिराया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी फील्ड में जाकर डस्टबिन रखवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ-साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग व ब्रिकी पर भी नजर रखी जाएं। उन्होंने कहा कि बाजारों में कई बार आई.ई.सी. गतिविधियों के तहत दुकानदारों व रेहड़ी-फड़ी वालों को जागरूक किया जा चुका है। अब अगर कोई न माने तो उसका चालान किया जाए। जोन में आने वाली सभी मुख्य सडक़ें व मार्केट क्षेत्र साफ-सुथरे बने रहें, इनकी नियमित चेंकिंग की जाए।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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