चंडीगढ़। हरियाणा के नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। परिवार पहचान पत्रों की जांच और उनमें जरूरी सुधार के साथ-साथ पंचायत संबंधी कार्यों के लिए क्रिड की ओर से 7500 क्रिड पंचायत लोकल आपरेटर (सीपीएलओ) का विज्ञापन निकालकर करीब चार हजार सीपीएलओ की भर्ती की गई, लेकिन उन्हें अभी तक स्टेशन नहीं दिए जा रहे हैं।
इन क्रिड पंचायत लोकल आपरेटर (सीपीएलओ) का नाम बदलकर लोकल कमेटी लोकल आपरेटर (एलसीएलओ) जरूर कर दिया गया है। राज्य के सभी नव चयनित सीपीएलओ-एलसीएलओ ज्वाइनिंग की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 26 अगस्त को पंचकूला और चंडीगढ़ में प्रदर्शन करेंगे

हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण ने विज्ञापन संख्या 01/19-21 एचपीपीए 07 के अनुसार दिसंबर 2023 में नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) के लिए लगभग 7500 क्रिड पंचायत लोकल आपरेटर (सीपीएलओ) के पदों पर भर्ती की थी।

विज्ञापन के अनुसार सीपीएलओ को क्रिड और हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण द्वारा दिए गए कार्यों को करना होगा तथा पंचायतों में ग्राम सचिवों द्वारा दिए गए कार्यों को मासिक पारिश्रमिक के आधार पर करना होगा।

सीपीएलओ को राज्य की सभी पंचायतों में नियुक्त करने की व्यवस्था की गई थी। इन पदों के लिए राज्य के करीब 10 लाख युवाओं ने आवेदन किया था, जिसके लिए सभी अभ्यर्थियों से 1000 रूपये फार्म शुल्क जमा कराया गया था।

एलसीएलओ- सीपीएलओ कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) की राज्य प्रधान नीतू और राज्य महासचिव पवन डागर के अनुसार विज्ञापनों के आवेदन मात्र से करीब 100 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए थे।

इस विज्ञापन के बाद करीब चार हजार क्रिड पंचायत लोकल आपरेटर (सीपीएलओ) नियुक्त किए गए, जिनका नाम बदलकर एलसीएलओ कर दिया गया था। 29 जून को मुख्यमंत्री के आवास पर इन कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर ज्वाइनिंग की गुहार लगाई थी, मगर अभी तक समस्या हल नहीं हो पाई है।

अब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सभी विधायकों को ज्ञापन देकर ज्वाइनिंग की मांग की जाएगी, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इस कड़ी में 26 अगस्त को चंडीगढ़ में धरना और प्रदर्शन होगा। सीटू की राज्य प्रधान सुरेखा और महासचिव जयभगवान ने इस भर्ती को बेरोजगार युवाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।

नवचयनित उम्मीदवारों को बिना किसी पूर्व सूचना के दो भागों में बांट दिया गया। आधे उम्मीदवारों को क्रिड पंचायत लोकल आपरेटर (सीपीएलओ) कम अटल सेवा केंद्र आपरेटर बना दिया गया और आधे उम्मीदवारों को लोकल कमेटी लोकल आपरेटर (एलसीएलओ) बनाया गया।

क्रिड ने ज्वाइनिंग सभी चार हजार कर्मचारियों को दिलाई थी, मगर दो हजार एलसीएलओ को ही स्टेशन दिए गए और उनकी ड्यूटी विधानसभा चुनाव से पहले केवल तीन महीने के लिए ड्यूटी गई थी।

कर्मचारी नेताओं नीतू और पवन डागर के अनुसार हरियाणा विधानसभा के चुनाव के बाद चार हजार एलसीएलओ में से आज तक किसी की कहीं कोई ड्यूटी नहीं लगाई गई है और न ही उन्हें कोई वेतन, पैसा अथवा कमीशन दिया गया है।

सीपीएलओ को छह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का प्रविधान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन कर्मचारियों की ड्यूटी फिक्स कर उन्हें नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया जाए तथा पिछले सारे एरियर का भुगतान किया जाए, क्योंकि अगर सरकार ने ज्वाइनिंग के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया तो यह कर्मचारियों की गलती नहीं है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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