अंबाला शहर/कुरुक्षेत्र। नग्गल थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में लाडवा के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने स्वजनो की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया गया है, जिसका सोमवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने मृतक के चाचा एवं लाडवा नगरपालिका के पूर्व उप प्रधान अनिल माटा ने बताया कि उसके 28 वर्षीय भतीजे आकाश उर्फ आशु का नशा मुक्ति केंद्र में इलाज चल रहा था।

उसका और उसके भाई पवन माटा का संयुक्त परिवार है। भाई पवन कुमार का 28 वर्षीय बेटा आकाश नशा का आदी था। इलाज के लिये करीब डेढ साल पहले कालका स्थित नशा मुक्ति केंद्र संजीवनी वेल्फेयर सोसाइटी में भर्ती करवा दिया था। उसे जसपाल सिंह व हरजीत सिंह तथा उनके हिस्सेदार चलाते हैं। इनकी एक ब्रांच संजीवनी वेल्फेयर सोसायटी के नाम से गांव रसुलपुर नग्गल थाना क्षेत्र में भी है।

संचालकों ने फोन कर कहा- एक्सीडेंट हो गया दो अगस्त को समय करीब नौ बजे रात को जब वह घर पर था कि जसपाल सिंह का फोन आया। जिसने बताया कि भतीजे आकाश माटा का एक्सीडेंट हो गया है और उसकी हालत ज्यादा खराब है। उसे नशा मुक्ति केंद्र से इलाज के लिये सीएचसी चौडमस्तपुर में लेकर जा रहे हैं। वहीं पर आ जाए और वह भी वहीं पहुंच रहा है। सूचना पर वह व परिवार वाले सीएचसी चौड़मस्तपुर पर पहुंचे।

शरीर पर लगी हुई थी काफी चोटें चाचा ने बताया कि आकाश के हाथों, पैरों पर कुल्हों, पीठ व छाती पर काफी गंभीर चोटें लगी हुई थी। आकाश की लगी चोटों से प्रतीत होता था कि उसको रस्सियों से बांधकर बड़ी बेरहमी से मारपीट करके उसकी हत्या की गई है।

स्वजनों ने पुलिस को बयान दिए कि भतीजे आकाश की मारपीट करके हत्या करने वाले संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी गांव रसूलपुर के संचालक जसपाल सिंह, साथी हरजोत सिंह, उसके पार्टनर वा अपने स्टाफ के कर्मचारियों अकित, ध्रुव, जसप्रीत, गौरव, रविंद्र, मोहित, हरदीप व गौरव के साथ साजिश करके भतीजे की हत्या कर दी।

सीएचसी चौडमस्तपुर से डाक्टर ने रुक्का भेजा। जिस पर प्रभारी पुलिस चौकी नन्यौला व प्रबंधक अफसर थाना नग्गल मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल अंबाला शहर के शव गृह में रखवाया गया। –

सीसीटीवी की डीवीआर लेकर फरार हैं सेंटर संचालक: अनिल माटा

अनिल माटा ने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे तो नशा मुक्ति केंद्र खाली पड़ा था। उनके पहुंचने से पहले ही केंद्र में काम करने वाले लोग और संचालक मौके से भाग गए थे। यहां तक कि वे केंद्र से सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर व केंद्र का पूरा सामान सहित केंद्र में भर्ती लोगों को लेकर दूसरी जगह लेकर चले गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भतीजे आशु को कालका के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था, मगर संचालक ने बिना उनकी स्वीकृति के आशु को रसूलपुर के केंद्र में डाल दिया।

इस बात पर उन्होंने एतराज भी जताया था। अब आशु की मौत के बाद वे केंद्र को खाली करके फरार हो गए। उन्होंने बताया कि मामला अंबाला पुलिस का है तो अंबाला पुलिस मामले की जांच कर रही है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *