निगम की किसी भी शाखा के पास शहर में अलग-अलग जगहों पर बेसमेंट में चल रहे संस्थानों का रिकार्ड नहीं है। ऐसे में लगता है कि निगम अधिकारी किसी और हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
अकेले बल्लभगढ़ में ही 20 से ज्यादा कोचिंग संस्थान और दुकानें बेसमेंट के अंदर खुली हुई हैं। इन दुकानों में पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। साथ ही बेसमेंट के ऊपर दो से तीन मंजिला इमारतें बनी हुई हैं। बारिश के दिनों में जब सड़क पर पानी भर जाता है तो पानी भी बेसमेंट में चला जाता है।
प्लानिंग शाखा के पास नहीं है किसी तरह का रिकॉर्ड
निगम की योजना शाखा के पास इन बेसमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं है। शाखा के अधिकारियों का कहना है कि बेसमेंट का कोई सर्वे नहीं होता। बेसमेंट बनाने वाले भवन मालिक नक्शा पास नहीं करवाते। जिसके कारण ये रिकॉर्ड नहीं रखे जाते।
