केशव पार्क में 1008 कुण्डीय शिव-शक्ति जन कल्याण महायज्ञ स्थल पर हुआ स्वागत
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पूज्य स्वामी हरिओम जी महाराज के परम सानिध्य में धर्मप्रेमियों ने किया स्वागत
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यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण और युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना
डॉ. राजेश वधवा
कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद की ओर से आयोजित भगवा त्रिशूल यात्रा का धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। असंख्य श्रद्धालुओं और सनातन धर्म प्रेमियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया।
कुरुक्षेत्र में 18 मार्च से 27 मार्च तक थीम पार्क में आयोजित होने जा रहे 1008 कुण्डीय शिव-शक्ति जन कल्याण महायज्ञ स्थल पर ये भगवा त्रिशूल यात्रा पहुंची जहां पूज्य स्वामी हरिओम जी महाराज के परम सानिध्य में सनातन प्रेमियों ने यात्रा में शामिल सभी अंतराष्ट्रीय संयोजक दीप सिहाग सीसाय, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. नवीन नैन भालसी व अन्य धर्मप्रेमियों का स्वागत किया।
आपको बता दें कि प्रयागराज से गत 1 मार्च को चली भागवत त्रिशूल यात्रा आज सोमवार को धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में पहुंची। यहां केशव पार्क में आयोजित 1008 कुंडीय महायज्ञ स्थल पर हरीश शर्मा, आचार्य शुभम, सतपाल जी महाराज, राजेश मुद्गल, रमेश शास्त्री, रणधीर गुर्जर, पुष्पेंद्र आत्रेय सहित असंख्य सनातन प्रेमियों ने इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान शहर के गणमान्य लोग भी पहुंचे तो वहीं शिव भोले की आराधना में नृत्य भी किया गया।
हरीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवा त्रिशूल यात्रा गत एक मार्च को प्रयागराज से आरंभ हुई थी और यह 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम और 12 शक्तिपीठों की पवित्र यात्रा कर रही है। इस पहल के तहत देश-प्रदेश के 120 शिव मंदिरों को डिजिटल रूप से जोड़ने का संकल्प लिया गया है, जिनमें से 12 मंदिर विदेशों में स्थित हैं। इस आध्यात्मिक यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण और युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना है। इस दौरान असंख्य श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए और पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन एवं जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। इस दौरान कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने यात्रा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। मौके पर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं को इस आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता से अवगत कराया गया। बताया गया कि भगवा त्रिशूल यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। भगवा त्रिशूल यात्रा का समापन 25 मार्च को दिल्ली में एक भव्य महासम्मेलन के साथ होगा, जिसमें देश भर से संत, महंत, धर्मगुरु और श्रद्धालु शामिल होंगे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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