50 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की, हर माह प्रदेश की 2 जेलों का किया जाएगा निरीक्षण, आम नागरिक मानव अधिकार आयोग की मेल पर भेज सकता है शिकायत, मानव अधिकार आयोग ने ही जेलों में सुसाइड करने वालों को मुआवजा दिलवाने की योजना को करवाया शुरू
कुरुक्षेत्र 17 जनवरी। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने कहा कि हरियाणा में हर साल 2600 से ज्यादा लोगों को मानव अधिकार आयोग के माध्यम से न्याय मिल रहा है। इस आयोग के पास अभी भी  लगभग 3500 शिकायतें लंबित है और इन शिकायतों का शीघ्र अति शीघ्र समाधान किया जा रहा है। इस आयोग के पास 50 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग से सम्बन्धित है।
हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर व्यक्ति को न्याय मिल और मानव अधिकार आयोग के तहत दिए गए अधिकारों का लाभ हर व्यक्ति को मिले। इस विषय को सुनिश्चित करने के लिए आयोग के चेयरमैन जस्टिस ललित बत्रा, आयोग के सदस्य कुलदीप जैन सहित आयोग के दोनों सदस्य लगातार एक्टिव मोड में कार्य कर रहे है। इस आयोग को काफी समय के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार एक्टिव किया गया है। अब सबसे पहले आयोग के पास लम्बित करीब 3500 शिकायतों का तेज गति के साथ समाधान किया जाएगा ताकि पीड़ित लोगों को नियमानुसार जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रताड़ित व्यक्ति मानव अधिकार आयोग के कार्यालय या फिर ऑन लाईन प्रणाली से अपनी शिकायत भेज सकता है।
उन्होंने कहा कि आयोग की टीम अब हर महीने प्रदेश के 2 जेलों का निरीक्षण करेंगी ताकि आगामी 7 या 8 माह में सभी जेलों का निरीक्षण कार्य पूरा हो सके। इस निरीक्षण के दौरान आयोग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बंदियों को नियमानुसार सुविधाएं मिल रही है या नहीं जेलों में खाने की गुणवत्ता को चैक किया जाएगा, महिला बंदियों की भी सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं का भी आकलन किया जाएगा। इन जेलों में पैरोल पर जाने वाले अपराधियों पर भी पूरी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जेलों में अननैचुरल डेथ के मामले में 7 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा देने की पॉलिसी मानव अधिकार आयोग ने ही सरकार से अनुरोध करके लागू करवाया था। इसके साथ ही जेल में आत्महत्या के केस में भी 5 लाख का मुआवजा दिलवाने की योजना को लागू करवाया था। अब इस मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख 50 हजार रुपए करवाया गया है।
जेल में 45 दिन बंदी को मिलने ना आने वाले की जाती है मदद
सदस्य दीप भाटिया ने कहा कि जेलों में कुछ ऐसे भी बंदी है जिनको मिलने के लिए परिजन या कोई भी व्यक्ति नहीं आता। इस विषय को जहन में रखते हुए आयोग ने 45 दिन तक किसी बंदी से कोई मिलने के लिए नहीं आता तो ऐसे बंदी की जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार की तरफ से सहयोग किया जाता है।
हरियाणा की जेले देश की सबसे बेहतर जेलों में शुमार
सदस्य दीप भाटिया ने कहा कि हरियाणा की जेलों में बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ ही जेलों में सफाई व्यवस्था के साथ-साथ नियमानुसार तमाम सुविधाएं दी जा रही है। इसलिए देश की सबसे बेहतर जेलों में हरियाणा की जेले मानी जाती है। इस देश में हरियाणा की जेलों की छवि बहुत अच्छी है।  इन जेलों में कानून की व्यवस्था भी बहुत बेहतर है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *