पीडि़तों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपने साथ धोखाधड़ी होने की सुनाई आपबीती
पीडि़तों ने पुलिस अधीक्षक से की घोटाला करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पुलिस अधीक्षक के पास सोसायटी में जमा पैसे की रसीद, कापी व आरडी व एफडी लेकर पहुंचे पीडि़त
पिपली
धोखाधड़ी से पीडि़त अनेकों लोगों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला से मुलाकात कर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीडि़तों ने पुलिस से मांग की कि सोसायटी में उनके द्वारा आरडी व एफडी के नाम पर जमा कराए गए पैसे को वापिस करवाया जाए। एसपी से मुलाकात करने वालों में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। सभी पीडि़त सोसायटी द्वारा जारी पास बुक और पैसे जमा कराने के दस्तावेज लेकर पुलिस के पास पहुंचे थे।
बता दें कि ह्यूमन राईट काआपरेटिव सोसायटी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एजेंटों के माध्यम से बचत करने को लेकर आरडी व एफडी के खाते खोले थे। एजेंट लोगों से पैसे लेकर सोसायटी के खाते में जमा कराते थे।  सोसायटी के संचालक ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए जमा कराए गए पैसे वापिस भी किए थे। इतना ही नहीं एजेंटों ने कमीशन के मिले पैसे को लालचवश सोसायटी में जमा करा दिया था। सोसायटी का संचालक जो मूल रूप से मध्य प्रदेश का बताया जा रहा है। वह एजेंटों को खाता खोलने के लिए स्कूटी व चौपहिया वाहन उपलब्ध कराता था और इससे प्रभावित होकर अनेकों युवक और युवतियां सोसायटी के एजेंट बन गए। इन एजेंटों के माध्यम से ही सोसायटी में पैसे का लेन देन के अलावा आरडी व एफडी का धंधा चल रहा था। इस धंधे का उस समय भंडाफोड़ हुआ जब तकरीबन दस दिन पहले एजेंट खाता धारकों के पास पैसे लेने के लिए नहीं पहुंचे। खाता धारकों ने सच्चाई जानने के लिए एजेंटों के मोबाइल पर संपर्क साध कर जानकारी ली तो एजेंटों ने उन्हें बताया कि कंपनी ने पीछे से पैसे जमा करने वाली एप्प बंद कर दी है। जब खाता धारक पिपली स्थित सोसायटी के कार्यालय में पैसे लेने के लिए पहुंचे तो वहां बैठे कर्मचारियों ने भी एप्प बंद होने की बात कहकर पैसे देने में असमर्थता जताई। जिसके बाद खाता धारकों के होश उड़ गए। मामला पुलिस तक पहुंचा। थाना सदर पुलिस ने इस मामले में एजेंटों की शिकायत ली और कुछ खाता धारकों ने भी पुलिस के समक्ष अपने साथ आपबीती बताई कि उनकी खून पसीने से कमाई पर डाका डाला गया है।
पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में खाता धारक आशा रानी,  मार्शल सिंह, पारुल मक्कड़, अमरजीत कौर मक्कड़, विपुल रहेजा आदि ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपया सोसायटी में जमा कराया था और एजेंट उनके घर से आकर मासिक किश्तें लेकर जाते थे। यह पैसा उन्होंने एफडी व आरडी के माध्यम से जमा कराया था। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि ब्रांच के एजेंट व अधिकारियों ने उनके साथ धोखा करके पैसे हड़पे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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