विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने रिबन काटकर तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया
रेवाड़ी/रेवाड़ी के मॉडल टाउन स्थित बाल भवन परिसर में स्थापित ‘गीता पुरम’ मेें तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलन, शंखनाद व मंत्रोच्चारण के साथ भव्य आगाज हुआ। गीता जयंती महोत्सव में अध्यात्म, कला, ज्ञान व संस्कृति का अनूठा संगम दिखाई दिया। गीता जयंती महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक विधा के रूप में जहां गीता ज्ञान की गंगा प्रवाहित हुई वहीं सरकार की जनहितकारी नीतियों व योजनाओं की जानकारी लोगों तक प्रदर्शनी के माध्यम से पहुंचाई गई। सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग हरियाणा व जिला प्रशासन रेवाड़ी की संयुक्त भागीदारी के साथ आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव का आगाज रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव द्वारा किया गया। जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव की ओवरऑल इंचार्ज एवं एडीसी अनुपमा अंजलि ने तीन दिवसीय महोत्सव की रूपरेखा से अवगत कराया। इस अवसर पर एडीसी अनुपमा अंजलि, एसडीएम रेवाड़ी सुरेंद्र सिंह, उप निदेशक एवं डीआईपीआरओ सुरेंद्र सैनी, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान, जिला शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया, डीसीडब्ल्यूओ वीरेंद्र सिंह, सीएमओ डा. सुरेंद्र यादव, जीओ गीता से नवीन अरोड़ा, संजीव दुआ व मीनाक्षी अरोड़ा, सतीश मस्तान, डा. ज्योत्सना यादव, पूनम यादव, सहित प्रबुद्ध समाज सेवी, अधिकारीगण व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
गीता जयंती महोत्सव में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने गीतापुरम में विधिवत रूप से रिबन काटकर सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग सहित विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई अंत्योदय व जनकल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए अवलोकन किया। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव सहित अन्य विशिष्ठ व गणमान्य व्यक्तियों ने सांस्कृतिक मंच से गीता पूजन करते हुए दीप प्रज्ज्वलन कर गीता जयंती महोत्सव का भव्य व गरिमामयी ढंग से शुभारंभ किया। गीतापुरम में आयोजित गीता महोत्सव-2024 पूर्ण रूप से गीता के 18 अध्यायों व 700 श्लोक के प्रसंगों एवं शिक्षाओं पर आधारित है, जिससे आमजन को गीता से आधारित बेहतरीन प्रस्तुति सांस्कृतिक मंच से देखने को मिल रही है। जिलावासियों ने गीतापुरम में पहुंचकर महोत्सव का आनंद लिया। पहले दिन शिक्षाविद् लक्ष्मी नारायण ने गीता ग्रंथ पर आधारित व्याख्यान दिया और गीता के गूढ़ रहस्यों से पर्दा उठाया। जीवन में विपत्तियों, अंधकार व कठिनाई के समय गीता दिखाती है राह : लक्ष्मण सिंह यादव
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने गीता महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर रेवाड़ी जिलावासियों को अपना शुभ संदेश देते हुए कर्म का महत्व बताया। श्रीमद भगवत गीता जीवन पथ पर कर्मों और नियमों के साथ चलने की प्रेरणा देती है। श्रीमद् भगवत गीता सभी धर्म ग्रंथों में सर्वोच्च मानी जाती है क्योंकि गीता में निहित बातों को लगभग सभी धर्मों में मान्यता दी गई है। इसके 18 अध्यायों के करीब 700 श्लोकों में हर उस समस्या का समाधान मिल जाता है जो कभी न कभी हर इंसान के सामने खड़ी हो जाती है। यदि हम इसके श्लोकों का अध्ययन रोज करें तो हम आने वाली हर समस्या का हल बगैर किसी मदद के निकाल सकते हैं। भगवत गीता हमें ‘लाइफ मैनेजमेंट’ करना सिखाती है। भगवान श्री कृष्ण के मैनेजमेंट सूत्र हमें भविष्य में तरक्की दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में कर्म को प्रधान माना गया है। शास्त्रों में यह विदित है कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उन्हें उसी प्रकार से फल की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति के कर्मों के आधार पर अपना जीवन व्यतीत करता है उन्हें सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है और वह कई प्रकार की समस्याओं से दूर रहते हैं। कर्म महान है, कर्म से ही आदमी महान व बड़ा बनता है। गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि।’ जिसका अर्थ है कि ‘तेरा कर्म करने में अधिकार है, इनके फलों में नहीं। तू कर्म के फल के प्रति आसक्त ना हो या कर्म न करने के प्रति प्रेरित ना हो।’ सनातन धर्म में कर्म को मूल सिद्धांत माना गया है। इसके साथ रामायण, महाभारत जैसे महान ग्रंथों में भी कर्म को ही प्रधान बताया गया है। आज की युवा पीढ़ी को गीता अवश्य पढ़नी चाहिए।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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