अंबाला 15 नवम्बर – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के  सीजेएम एवं सचिव प्रवीण ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई को नालसा के नए कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित करने की घोषणा की गई है।
डीएलएसए के सीजेएम एवं सचिव प्रवीण ने बताया कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 3 की उपधारा (2) के खंड (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है, तथा यह 11 नवंबर 2024 से प्रभावी है। इस आशय की अधिसूचना भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा 08 नवंबर, 2024 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की गई थी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश नालसा के पिछले कार्यकारी अध्यक्ष थे। परंपरा के अनुसार, इस पद पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश का कब्जा होता है। नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपने नामांकन से पहले माननीय न्यायमूर्ति बी.आर. गवई सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति (एससीएलएससी) के अध्यक्ष थे।
डीएलएसए के सचिव प्रवीण ने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में माननीय न्यायमूर्ति बी.आर. गवई सभी नागरिकों, विशेष रूप से समाज के हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को सुलभ और नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए नालसा के मिशन का नेतृत्व करेंगे। उनके नेतृत्व से अनुच्छेद 39-ए के संवैधानिक जनादेश को बनाए रखने के लिए नालसा की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, यह सुनिश्चित करते हुए कि वित्तीय या सामाजिक बाधाओं के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित नहीं किया जाता है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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