कुरुक्षेत्र 12 जुलाई जिला कुरुक्षेत्र में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत केन्द्र सरकार की टीम इस समय दौरे पर है। जिसमें जिला स्तर पर जल संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की मानसून से पहले प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। इस टीम को केंद्रीय अधिकारी सुमित कुमार उपसचिव केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लीड किया जा रहा है। इस टीम में उनके सहयोगी डा. शशिकांत सिंह वैज्ञानिक केंद्रीय भूमि जल बोर्ड भी साथ में है। दौरे की शुरुआत में केंद्रीय टीम द्वारा हेलीकॉप्टर द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट उपायुक्त महोदय को सौंप गई है, जिसमें विभिन्न तकनीकी बिंदुओं के साथ यह जानकारी भी है कि जिला कुरुक्षेत्र में भूमिगत जल स्तर अब किस लेवल पर है।
टीम द्वारा खंड थानेसर और पिहोवा की पंचायत स्तर की रिपोर्ट साझा की गई है, जिसमें उन पंचायत में भूमिगत जलस्तर किस लेवल पर है एवं जल संरक्षण के लिए क्या प्रयास किए जाए ताकि जल संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। जिला स्तर पर जल शक्ति अभियान के लिए कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग मनीष बब्बर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं एवं उनके मार्गदर्शन में सिंचाई विभाग एवं अन्य लाइन विभागों के अधिकारी पूरी मेहनत से जल संरक्षण के कामों में लगे हुए हैं। इस टीम द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए सामूहिक मीटिंग ली गई जिसमें अन्य लाइन विभागों के साथ-साथ सरस्वती विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन धुमन सिंह किरमिच भी उपस्थित रहे। उनके द्वारा सरस्वती बोर्ड द्वारा करवाए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा साथ ही एक डिजिटल रिपोर्ट के माध्यम से सरस्वती विकास बोर्ड द्वारा किए गए कार्यों का प्रदर्शन भी किया।
मीटिंग के दौरान डॉ. शशिकांत सिंह द्वारा जिला कुरुक्षेत्र का एक हेलीकॉप्टर से लिया गया सर्वे के दौरान का चित्र दिखाए जिसमें जिला कुरुक्षेत्र में पानी की भारी समस्या दिखाई गई लगभग पूरा जिला आज के समय में पानी की कमी से जूझ रहा है और उसे मानचित्र में यह स्पष्ट होता है कि जिला कुरुक्षेत्र का भूमिगत जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है ऐसी स्थिति में केंद्रीय टीम द्वारा विभिन्न पहलुओं पर जोर देने के लिए जिला प्रशासन को सुझाव भी दिए गए जिसमें खेती की प्रक्रिया में जरूरी बदलाव के साथ-साथ घरेलू स्तर पर एवं औद्योगिक स्तर पर प्रयोग किए जाने वाले पानी का प्रबंधन अहम है। टीम द्वारा संतुष्टि जाहिर की गई की सरस्वती विकास बोर्ड एवं सिंचाई विभाग के देखरेख में किए जा रहे जल संरक्षण के कामों की गुणवत्ता बढिय़ा है एवं मानसून के उपरांत इन जल स्रोतों को उन्हें मॉनिटर करना अनिवार्य है ताकि यह देखा जा सके की मानसून से पहले के किए गए प्रयासों से कितना जल संरक्षण करने में कामयाबी पाई गई है। इस मौके पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक मुंजाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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