हरियाणवी नृत्य ने छोड़ी अनूठी छाप, कलाकारों संग झूमे दर्शक

कुरुक्षेत्र 4 जुलाई। हरियाणा कला परिषद द्वारा जून माह आयोजित की गई अभिरुचि कक्षाओं का भव्य समापन हुआ, जिसमें अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने कला को बढ़ावा देते हुए सभी को रोमांचित कर दिया। समापन समारोह पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक डा0 विवेक चावला बतौर मुख्यअतिथि उपस्थित रहे। समापन समारोह पर लोगों को सम्बोंधित करते हुए डा. विवेक चावला ने कहा कि हरियाणा कला परिषद् अपने नाम को सार्थक करते हुए प्रदेश में सांस्कृतिक बयार लाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। परिषद में लगने वाली अभिरुचि कक्षाओं के माध्यम से बहुत से कलाकार कला को ही अपनी आजीविका का साधन चुन संस्कृति के विस्तार में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम का संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा ने मुख्यअतिथि डा0 विवेक चावला को पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यअतिथि ने चित्रकला कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रशिक्षक सीमा काम्बोज के निर्देशन में तैयार किए गए चित्रों का अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों को बधाई दी। इसके बाद हरमोनियम कक्षा के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षक नवजोत के निर्देशन में सरस्वती वन्दना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का आगाज किया। वहीं नृत्य कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा पंकज कुमार के निर्देशन में कत्थक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। मोहे रंग दो लाल गीत पर नृत्य करते हुए कलाकारों ने दर्शकों की भरपूर वाहवाही लूटी।

बुराई पर अच्छाई की जीत दिखा गया अलीबाबा चालीस चोर
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अभिनय कक्षा के विद्यार्थियों ने नाटक अलीबाबा चालीस चोर की जबरदस्त प्रस्तुति दी। विकास शर्मा द्वारा अभिनय का प्रशिक्षण देते हुए तैयार करवाई गई इस नाट्य प्रस्तुति में दिखाया गया कि अलीबाबा को उसका भाई कासिम घर से निकाल देता है। जिसके बाद अलीबाबा लकड़ियां काटकर घर का गुजारा करता है। एक दिन उसे डाकुओं के खजाने का पता लग जाता है, जिसमें से कुछ खजाना अलीबाबा ले लेता है। लेकिन उसके भाई कासिम को जब इस बारे में पता लगता है तो लालच में आकर वो भी खजाना लेने चला जाता है। लेकिन वहां डाकू उसे देख लेते हैं और मार डालते हैं। भाई के वापिस ना आने पर अलीबाबा उसे ढूंढने निकलता है तो गुफा में भाई की लाश देखकर दंग रह जाता है और लाश घर ले आता है। उधर जब डाकुओं को पता चलता है कि लाश गायब है तो वो उसे ढूंढने बगदाद शहर में आ जाते हैं। अंत में डाकुओं का सरदार भेष बदल कर अलीबाबा के घर उसे मारने पहुंचता हैं लेकिन अलीबाबा की बहन मरजीना की सूझ-बूझ से अलीबाबा डाकू को मारने में कामयाब हो जाता है। इस प्रकार बुराई पर अच्छाई की जीत को दिखाते हुए कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद नृत्य कक्षा के विद्यार्थियों ने हरियाणवी और कत्थक नृत्य की प्रस्तुतियां देकर सभी को रोमांचित कर दिया। एक के बाद एक दमदार प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। जहां नवजोत द्वारा तैयार गीतों और भजनों के द्वारा प्रतिभागियों ने अपनी गायकी का परिचय दिया। वहीं नृत्य कक्षा के कलाकारों का नृत्य भी कार्यक्रम में चार चांद लगा रहा था। कार्यक्रम की खास बात यह थी कि 10 साल से 70 साल के प्रतिभागियों द्वारा उम्दा प्रदर्शन किया गया। अंत में मुख्यअतिथि ने सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कलाकारों की हौंसलाअफजाई करते हुए नागेंद्र शर्मा ने कहा कि अभिरुचि कक्षाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हरियाणा कला परिषद की सांस्कृतिक गतिविधियों में भी प्रस्तुति देने का अवसर दिया जाएगा। इस अवसर पर डा. कुमार विनोद, शिवकुमार किरमच, चंद्रशेखर शर्मा आदि भी उपस्थित रहे।

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हरियाणा कला परिषद और चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त सहयोग से कला कीर्ति भवन में चल रहे चण्डीगढ़ नाट्य उत्सव के दूसरे दिन 5 जुलाई को नाटक बोलती गली अंधे मकान का मंचन किया जाएगा। नितिन शर्मा का लिखा और निर्देशित नाटक शाम 7 बजे शुरु होगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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