अम्बाला,
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शालीन ने कहा कि ऑनलाईन प्रक्रिया के माध्यम से पीठासीन अधिकारियों एवं वैकल्पिक पीठासीन अधिकारियों की पहली रैंडमाइजेश का कार्य कर दिया  गया है। इस प्रक्रिया के तहत 2212 अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से सम्बन्धित 24 अप्रैल से प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा चुनाव का सफलतापर्वूक आयोजन करवाया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डा0 शालीन ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 24 अप्रैल को प्रात: के सांय के बैच में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को जीआरएसडी सीनियर सैकेंडरी स्कूल अम्बाला शहर में 370 पीठासीन अधिकारियों को प्रात: 10 बजे तथा इतने ही प्रीजाइडिंग अधिकारियों को मुरलीधर डीएवी सीनियर सैकेंडरी स्कूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी प्रकार 24 अप्रैल को ही दोपहर 2 बजे एसए जैन सीनियर सैकेंडरी स्कूल अम्बाला शहर में 366 पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सुबह के चरण में 1106 अधिकारियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के क्रम में 24 अप्रैल को ही वैकल्पिक  पीठासीन अधिकारियों को एसए जैन सीनियर सैकेंडरी स्कूल अम्बाला शहर में प्रात: 10 बजे 370 अधिकारियों को व प्रात: 10 बजे ही 370 अधिकारियों को मुरलीधर डीएवी सीनियर सैकेंडरी स्कूल में व राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सैकेंडरी स्कूल पुलिस लाईन अम्बाला शहर में प्रात: 10 बजे 362 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के क्रम में इसी दिन दोपहर 2 बजे एसए जैन सीनियर सैकेंडरी स्कूल में भी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर गतिविधि के बारे जैसे ईवीएम मशीन, वीवीपैट, बैल्ट पेपर यूनिट, चुनाव से जुड़े फार्मों को भरना व अन्य कार्यों के बारे प्रशिक्षण दिया जाएगा। मकसद चुनाव आयोग की हिदायतों की अनुपालना करते हुए चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से करवाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि सम्बन्धित कर्मचारियों इस प्रशिक्षण बारे ई-मेल के माध्यम से, एसएमएस के माध्यम से और उनके डीडीओ के माध्यम से प्रशिक्षण देने की सूचना भेजी जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रशिक्षण लेना बेहद जरूरी है और जिस भी पीठासीन व वैकल्पिक पीठासीन अधिकारी की शैडयूल के अनुसार प्रशिक्षण लेने का दिन है, वे उस दिन अपना प्रशिक्षण अवश्य हासिल करें। यदि प्रशिक्षण के दौरान सम्बन्धित कर्मचारी या अधिकारी अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार निलम्बन की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कर्मचारी द्वारा अपनी अनुपस्थिति का सही प्रमाण न दिया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर किये जाने का भी प्रावधान है। उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारी व सहायक पीठासीन अधिकारियों को कहा है कि वे इस प्रशिक्षण को जरूर लें।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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