अम्बाला 23 मार्च,
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीते कल पीएमओ डा0 संगीता गोयल के मार्गदर्शन में डीईआईसी पेशेवरों द्वारा जीएच अंबाला शहर में एनआरसी और एसएनसीयू वार्डों में एक वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर उप सिविल सर्जन आरबीएसके डॉ बलजिंदर ने बताया कि माताओं को नवजात शिशु में जन्म दोषों को कैसे रोका जाए इसके बारे में जागरूक किया गया और गर्भवती मां को क्या सावधानियां और दवाएं लेनी हैं और किस दवा से बचना है यह भी बताया गया और अगर बच्चा किसी दोष के साथ पैदा होता है तो हम इलाज कैसे और कहां करा सकते हैं, उन्हें दृश्य और गैर दृश्य जन्म दोषों के बारे में भी बताया गया, जहां क्लब फुट, न्यूरल ट्यूब दोष इत्यादि जैसे दृश्य जन्म दोषों का आसानी से निदान और इलाज किया जा सकता है, लेकिन जन्मजात हृदय रोग जैसे अदृश्य जन्म दोषों का तुरंत निदान करना मुश्किल होता है, जब तक कि कुछ लक्षण न दिखें। जन्म दोष वाले बच्चों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के लिए निजी संस्थानों के साथ समझौता किया है। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय जन्म दोष जागरूकता माह के रूप में मना रही है और इसी कड़ी में कार्यक्रम का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं से समबन्धित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इस मौके पर अदिति आनंद देव व सौरभ सचदेवा व टीम में शामिल अन्य चिकित्सकों ने स्क्रीनिंग के बाद बच्चों को मोटर डिले, सेरेबल पाल्सी जैसे उपचार दिए जाते हैं, उसकी भी जानकारी दी। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अंकुर शर्मा ने भी इस दौरान नवजात शिशुओं के उपचार से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस मौके पर डीईआईसी विभाग के डीईआईसी प्रबंधक डॉ0 तनुराज सिधू व अन्य मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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