बतौर मुख्यातिथि राज्य मंत्री संदीप सिंह ने  बताया कि वे पिछले तीन साल से उठा रहे थे पट्टेदारों की आवाज

पिहोवा 8 मार्च कैबिनेट बैठक में पट्टेदारों को मालिकाना हक देने के फैसले को लेकर गांव गढ़ी लांगरी में कई गांवों की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें पट्टेदारों ने घोषणा को लेकर राज्य मंत्री संदीप सिंह के मार्फत मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि चुनाव से पहले जब वे टिकट लेकर आए थे। तब पट्टेदारों ने उन्हें बताया था कि हिंदुस्तान पाकिस्तान के बंटवारे के समय से वे जंगलों को काटकर जमीन आबाद करके इस पर खेती कर रहे हैं। उनके बुजुर्गों ने इस जमीन को संवारने में अपनी जिंदगी लगाई है। लेकिन आज तक उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला। लंबे समय से पट्टेदार अपने संघर्ष की लड़ाई लड़ रहे थे।
राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि उनका परिवार भी पाकिस्तान से विस्थापित होकर यहां आया था। जब वे छोटे थे तो उनकी दादी उन्हें बताया करती थी कि पाकिस्तान में उनकी पुस्तैनी जमीन,घोड़े और मकान। जिन्हें मारकाट के समय छोडक़र यहां आना पड़ा था। ये दर्द उनके मन में शुरू से ही था। इसलिए वे पट्टेदारों के लिए कुछ करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि लगभग तीन साल तक उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने पट्टेदारों को मालिकाना हक देने का कानून बनाने संबंधी मांग रखी थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने कभी भी इस विषय पर उनकी बात को अनसुना नहीं किया। पट्टेदार रणजीत सिंह ने कहा कि पिछली सरकारों ने दो प्लान उनसे झूठ बोलकर वोट लिए कि समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनकी कई पीढियों पर अहसान किया है कि उन्हें जमीन ज्यादा मालिकाना हक दिया जाएगा। पट्टेदारों ने कहा कि वे पूर्ण रूप से अपना साथ देने वालों का साथ देंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 में आगे संशोधन करने के लिए हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2024 के प्रारूप को दी स्वीकृति प्रदान की।  संशोधन के अनुसार, शामलात देह में भूमि का स्वामित्व, जो पूर्वी पंजाब भूमि उपयोग अधिनियम 1949 के तहत 20 साल की अवधि के लिए पट्टे के आधार पर आवंटित किया गया था और मूल आवंटी, हस्तांतरण करने वाला या उनके मूल आवंटी के खेती अधिकार में शामिल है और उनके कानूनी उत्तराधिकारी को तत्काल प्रभाव से शामलात देह के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा यह प्रस्तावित है कि मूल पट्टेदार, हस्तांतरण करने वाला या उनके कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत को एक निर्धारित राशि का भुगतान करना आवश्यक होगा। कलेक्टर द्वारा सिद्धांतों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवेदक की प्रार्थना पर राशि निर्धारित की जाएगी। शामलात देह भूमि पर बसे लोगों की सबसे ज्यादा संख्या कुरुक्षेत्र के पिहोवा और कैथल के गुहला चीका में है।
राज्य मंत्री ने जरूरतमंद लोगों में चेक भी वितरित किए। इस दौरान उन्होंने 15 लोगों में लाखों रुपए की राशि के आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए। गांव गढ़ी लांगरी, कराह साहिब, मोहनपुर, बाखली, अधोया, कुपियां प्लाट सहित दर्जनों गांव के पट्टेदारों ने हिस्सा लिया।  इस मौके पर मंडल प्रधान साधू सिंह, कुलवंत सिंह, रणजीत सिंह, बलजीत सिंह गैटी दलबीर सिंह, जगतार सिंह, रविंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, पाल सिंह, अमित फौजी व जगपाल सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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