कुरुक्षेत्र 15 नवंबर।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  के यूआईईटी संस्थान के मैकेनिकल विभाग के पाँच शिक्षकों डॉ विशाल अहलावत, डॉ संजय काजल, डॉ सुनील नैन, डॉ अनुराधा व डॉ उपेंद्र ढुल को ऑटोमोटिव इको फ्रेंडली ब्रेक मैटीरियल के लिए पेटेंट मिला है। इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर सोमनाथ सचदेवा व कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने शिक्षकों को बधाई दी व शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी संस्थान के शिक्षकों को पेटंट मिलना गर्व और गौरव की बात है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शिक्षकों को निरंतर शोध में बेहतर प्रयास करने से सार्थक परिणाम मिल रहे है ।
डीन इंजीनिरिंग टेक्नोलॉजी और  यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो सुनील ढींगरा ने बताया कि शोध क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हम हर समय प्रयत्नशील रहते है किसी भी शोध में पेटंट मिलना बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। संस्थान के शिक्षको ने इस चुनौती को स्वीकार कर सफलता हासिल की है जिसके लिए यूआईईटी परिवार बधाई का पात्र है। केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ का नेतृत्व व मार्गदर्शन शिक्षा में शोध कार्य को बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है !
संस्थान के शिक्षकों डॉ विशाल अहलावत, डॉ संजय काजल ,डॉ सुनील नैन, डॉ अनुराधा व डॉ उपेंद्र ढुल ने बताया कि ऑटोमोबाइल में आजकल डिस्क ब्रेक का चलन होने से ब्रेकिंग के समय जब ब्रेक घिसते हैं तो उसका ब्रेक डस्ट मैटेरियल हवा में मिलकर हवा को प्रदूषित करता है तथा पानी में मिलकर पानी को दूषित करने का कार्य करता है बल्कि समूचे पर्यावरण को प्रभावित करता है ! इस समस्या के समाधान के लिए शोधकर्ता ने सी शेल्स व फ्लाई ऐश समेत अन्य सात मटेरियलस का प्रयोग करके एक ऐसा ब्रेक पैड तैयार किया है जो कमर्शियल ब्रेक पैड से तुलनात्मक है और कम मात्रा में पर्टिकुलेट मैटर रिलीज़ करेगा जिससे हमारे पर्यावरण को सीधे रूप से फायदा मिलेगा !

By Dr. Rajesh Wadhwa

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