प्रिंट मिडिया ने दिलाई हरियाणवी मण्डप को विशेष पहचान। संजय भसीन
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अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 के के दौरान ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा तथा हरियाणा कला परिषद के द्वारा तैयार किया गया हरियाणवी मंडप महोत्सव में आर्कषण का केंद्र बना रहा। हरियाणवी मण्डप के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाते हुए रघुविंद्र मलिक द्वारा पैतृक सम्पति की प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में पुराने औजार, वेशभूषा, बर्तन, सदियों पुराने ताले इत्यादि लोगों को अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे। वहीं प्रतिदिन मंच पर हाने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दर्शकों को लुभाने में अपनी अहम भूमिका निभा रही थी। हरियाणवी मण्डप के मंच पर हरियाणा के अमित ढुल, राकेश भराणिया, सुभाष नगाड़ा जैसे लोक कलाकारों द्वारा जहां रागनी, नृत्य, ऑरकैस्ट्रा, फैशन शो इत्यादि के माध्यम से लोगों का मनोरंजन किया गया, वहीं देश के अन्य राज्यों के कलाकारों ने भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गुजरात का डांडिया, राजस्थान का कालबेलिया, महाराष्ट्र का लावणी नृत्य भी हरियाणवी मण्डप की शान बढ़ाने में शामिल हुआ। इसके अलावा भरतनाट्यम, कत्थक नृत्य, बिरसा मुण्डा नाटक जैसी प्रस्तुतियों ने भी सभ्ज्ञी का मन मोहा। हरियाणवी मण्डप के नोडल अधिकारी तथा हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन की देखरेख में हरियाणवी मण्डप को लघु हरियाणा का रुप दिया गया। मण्डप में एक ओर फुलझड़ी, आभूषण, दामण, चुंदड़ी, तथा पगड़ी की स्टॉल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती नजर आई तो वहीं दूसरी ओर पुराने सिक्के, खाट, पिड्या, लकड़ी के खिलौने, लुहार तथा कुम्हार का चाक पर बर्तन बनाना भी मण्डप में आने वाले लोगों के लिए आकर्षण बना रहा। हरियाणवी मंडप का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा किया गया, जिसके बाद प्रतिदिन मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। मण्डप में स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता, सांसद नायब सैनी, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, खेल मंत्री सरदार संदीप सिंह, देवेंद्र बबली, मूलचंद शर्मा, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, विधायक सुभाष सुधा, असीम गोयल, सांसद संजय भाटिया सहित युके की उप-उच्चायुक्त रोवेट कैरोलीन ने हरियाणवी परम्पराओं का दर्शन किया। मंडप में हरियाणा के खान-पान बाजरा व मक्के की रोटी, साग, पूड़ा, घी-बूरा, कढ़ी चावल, राजमा, बाजरे की खिचड़ी, बाकली, गुड़ का दलिया, लस्सी, चूरमा, खीर, सेवइयां, गोलगप्पे, गुड़ की चाय, नरेश का गोहाना का जलेब, शीशपाल का गाजर का हलवा, सनूज कौशल की पावभाजी तथा रोहतक के परांठे आदि के माध्यम से खान-पान का भी खूब प्रचार हुआ। हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने मण्डप की सफलता का श्रेय कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग व हरियाणा कला परिषद के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को देते हुए बताया कि उनके अथक प्रयास से ही हरियाणा पैवेलियन गीता महोत्सव में अपनी अनूठी पहचान बना पाया है। इसके अलावा पिं्रट मिडिया बंधूओं के द्वारा पैवेलियन को प्रत्येक दिन अपने समाचार पत्रों में जगह देना भी हरियाणवी मण्डप की सफलता में सहयोगी बना है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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