गीता ज्ञान संस्थानम् के तत्वाधान में श्री राम कथा मानस गीता का आयोजन
मुख्यमंत्री व लोकसभा अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलन कर किया शुभारंभ
कुरुक्षेत्र  : महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य एवं गीता ज्ञान संस्थानम् के तत्वाधान में मेला ग्राउंड में आयोजित की जा रही श्री राम कथा मानस गीता का आज विधिवत शुभारंभ हो गया। देश के प्रमुख संतों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दीप प्रज्वलन कर श्री राम कथा मानस गीता का शुभारंभ किया। कथा के प्रारंभ में रमणरेती वृंदावन के कार्षणी स्वामी गुरुशरणानंद महाराज, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज, जय राम संस्थाओं के अध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, सुदामा कुटीर वृंदावन के सुदीक्षण दास महाराज एवं संत ज्ञानेश्वर महाराज ने अपने आशीर्वचनों से श्रद्धालुओं को सराबोर किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में हरियाणा प्रदेश में कुरुक्षेत्र की धरा पर श्री राम कथा के आयोजन पर गीता ज्ञान संस्थानम् को बधाई दी एवं धर्म नगरी में पधारने पर मुरारी बापू का स्वागत किया। संतों के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल संग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने व्यासपीठ पर विराजमान संत मुरारी बापू को पुष्प भेंट कर व्यासपीठ को नमन किया। श्री राम कथा मानस गीता के प्रथम दिवस के सत्र में रामायण के साथ गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुरारी बापू ने कहा कि भगवान कृष्ण विश्वरूप है और भगवान श्री कृष्ण की वाणी वैश्विक है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में गीता सम्माहित है और मानस स्वयं गीता है। उन्होंने कहा कि मानस को हम क्यों न गीता कहें। मुरारी बापू ने अर्जुन और कृष्ण के बीच संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी प्रकार का विषाद है, पीड़ा है, दुख है। गीता ने कहा कि विशाद में विवाद नहीं संवाद करें। कभी-कभी हम बिना किसी कारण विषाद में आ जाते हैं। विशाद से मुक्त होने का एकमात्र रास्ता संवाद है। उन्होंने कहा कि विषाद में तब तक संवाद करते रहें जब तक प्रसाद अवतरित न हो जाए। श्री राम कथा मानस गीता के प्रथम दिवस में मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूरा समय उपस्थित रहकर कथा श्रवण की। कथा के समापन पर रामायण जी की आरती गाई गई। इस अवसर पर सांसद नायब सैनी, रतन लाल कटारिया, विधायक सुभाष सुधा, असीम गोयल, के.डी.बी. के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी, भारत भूषण भारती, पवन सैनी, संदीप गर्ग लाडवा, संजय बठला, प्रदीप मित्तल, अशोक चावला, किशोर अग्रवाल, सूरज दुरेजा, विजय नरूला, सुनील ग्रोवर एवं अनीत कपूर सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने सिर पर धारण की रामायण :
 श्री राम कथा मानस गीता के आयोजन स्थल पर पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला गीता ज्ञान संस्थानम् पहुंचे। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने मुख्यमंत्री व लोकसभा अध्यक्ष को गीता ज्ञान संस्थानम् में श्री श्री कृपा बिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन करवाए। मंदिर में विराजित स्वरूपों को निहारते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला काफी भावमई एवं प्रसन्नचित्त मुद्रा में दिखाई दिए। मंदिर में पूजा अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने कथा स्थल में व्यास पीठ पर विराजित करने हेतु रामायण जी को अपने सिर पर धारण कर कथा स्थल की तरफ प्रस्थान किया। मंदिर की सीढ़ियों से उतरकर श्री राम कथा मानस गीता के मुख्य यजमान राज सिंगला रामायण जी को अपने सिर पर रखकर कथा स्थल पर ले गए तथा पूरे विधि विधान से व्यासपीठ पर विराजित किया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *