Category: National

जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा: कुलपति

आयुष विश्वविद्यालय ने तैयार किया औषधीय काढ़ा,सर्दी-जुकाम से बचाएगा -आयुर्वेदिक अस्पताल में रोगियों को रोजाना 30 एमएल मिलेगा कुरुक्षेत्र। शीत ऋतु में खांसी, बुखार एवं प्रतिश्याय (जुकाम) जैसी मौसमी बीमारियों…

आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेदिक उपचार से ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस में राहत

-डॉक्टरों ने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने की सलाह दी थी,अब बुजुर्ग पूरी तरह स्वस्थ कुरुक्षेत्र। पिछले पांच वर्षों से कूल्हे के असहनीय दर्द से जूझ रहे 61 वर्षीय बुजुर्ग को आयुर्वेदिक…

उपलब्धियों के शोर में दबे सच: 2025 का आत्ममंथन

बीता साल, बचे सवाल: 2025 का भारत – डॉ सत्यवान सौरभ इतिहास केवल तारीख़ों और घटनाओं का संग्रह नहीं होता, वह समाज की सामूहिक चेतना का आईना भी होता है।…

विकास की पटरी पर कुचला वन्यजीवन

– डॉ सत्यवान सौरभ दिसंबर 2025 में असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों—जिनमें शावक भी शामिल थे—की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु कोई साधारण हादसा नहीं थी। यह घटना…

स्कूल के बाहर खड़ी आधी आबादी : जब बेटियाँ बीच रास्ते लौट आती हैं

छूटी हुई पाठशाला, छिनते सपने : भारत की बेटियों की अधूरी शिक्षा; अधिकार से वास्तविकता तक : लड़कियों की स्कूली ड्रॉपआउट की क्रूर सच्चाई; स्कूल के बाहर खड़ी आधी आबादी…

विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर सरकार विदेशों और कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का और भव्य तरीके से करेगी आयोजन:नायब सिंह सैनी

हरियाणा के प्रमुख मंदिरों में भी होंगे गीता महोत्सव 2026 के कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2026 का 5 दिसंबर से 25 दिसंबर तक होगा आयोजन, महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम होंगे…

केयू ने यूजी एवं पीजी प्राइवेट अभ्यर्थियों हेतु फार्म भरने की जारी की अधिसूचना

मई-जून 2026 की परीक्षा के लिए आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन 23 दिसम्बर से शुरू सोनिका वधवा कुरुक्षेत्र।  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार परीक्षा शाखा…

बचपन पर बोझ नहीं, संरक्षण चाहिए: हमारी सामाजिक होड़ और बच्चों का स्वास्थ्य

– डॉ. प्रियंका सौरभ हाल ही में 10 वर्षीय एक बच्चे की अचानक मृत्यु से जुड़ा समाचार केवल एक दुखद घटना नहीं है, बल्कि हमारे समय की सबसे गंभीर सामाजिक…

पर्यावरण संकट : नीतियों से नहीं, नागरिक चेतना से बचेगी प्रकृति

सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है। पेड़ लगाने की बात आए तो उत्साह केवल सरकारी अभियानों और फोटो अवसरों तक सीमित…

अरावली चौराहे पर: जब परिभाषा तय करती है भविष्य

– डॉ सत्यवान सौरभ – अरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…