Category: International

मनाने के साथ समझने होंगे रक्षा बंधन के मायने ?

राखी के त्योहार का मतलब केवल बहन की दूसरों से रक्षा करना ही नहीं होता है बल्कि उसके अधिकारो और सपनों की रक्षा करना भी भाई का कर्तव्य होता है,…

आज हम चांद पर है

सांप और साधुओं का देश कहा जाने वाला भारत आज स्पेस टेक्नोलॉजी में दुनिया के ताकतवर देशों के साथ खड़ा है। भारत चंद्रयान-3 मिशन के साथ चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग…

घर की दहलीज से दूर होते बुजुर्ग

(बदलते परिवेश में एकल परिवार बुजुर्गों को घर  की  दहलीज से दूर कर रहें है। बच्चों को दादी- नानी  की  कहानी की बजाय पबजी अच्छा लगने लगा है, बुजुर्ग अपने बच्चों से बातों को…

कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप?

रैगिंग के नाम पर मैत्रीपूर्ण परिचय से जो शुरू होता है उसे घृणित और विकृत रूप धारण करने में देर नहीं लगती।  रैगिंग की एक अप्रिय घटना पीड़ित के मन…

कम नियमों से ही होगा ‘विश्वास-आधारित शासन’

बिल का उद्देश्य है कि कुछ अपराधों में मिलने वाली जेल की सजा को या तो पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए या फिर जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाए।…

कहाँ खड़े हैं आज हम?

(विश्व की उदीयमान प्रबल शक्ति के बावजूद भारत अक्सर वैचारिक ऊहापोह में घिरा रहता है. यही कारण है कि देश के उज्ज्वल भविष्य और वास्तविकता में अंतर दिखाई देता है.…

हर घर तिरंगा अभियान और ध्वज संहिता का मान

अपना राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा। इसको लहराते देख गर्व से सीना चौड़ा हो जाता है। इस के सम्मान में इसे सैल्यूट करने का मन चाहता है। हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों का…

फतेहाबाद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाएंगे प्रदेश के लोग:सुधा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे मुख्य अतिथि, स्मृति दिवस की तैयारियां पूरी, पिछले वर्ष कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर मनाया गया था विभाजन विभीषिका दिवस डॉ. राजेश वधवा कुरुक्षेत्र।  फतेहाबाद में…

केयू के 33वें दीक्षांत समारोह में आईआईएचएस के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण की तिथि को 8 अगस्त तक बढ़ाया गया

कुरुक्षेत्र, 05 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल आयोजित होने वाले 33वें दीक्षान्त समारोह में अब आईआईएचएस के विद्यार्थियों को भी भाग लेने…

मध्यम वर्ग का संघर्ष कभी खत्म क्यों नहीं होता?

मध्यम वर्ग के लोगों की चिंताओं का कोई अंत नहीं होता। क्योंकि ये बच्चों को लायक बनाने में अपना पूरा जीवन निकाल देते हैं। फिर उस अनुरूप बच्चों का विवाह…