Category: International

दिल्ली धमाका : किसी बड़ी साजिश का संकेत

राजधानी की सुरक्षा पर गहरे सवाल, स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक दिल्ली के रोहिणी सीआरपीएफ स्कूल में हुआ धमाका केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक गहरी साजिश का…

सड़कों पर मौत की रफ़्तार पर ब्रेक कब लगेगा?

भारत में प्रतिदिन लगभग चार सौ लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। मुख्य कारण हैं — खराब सड़क डिजाइन, कमजोर प्रवर्तन, चालक प्रशिक्षण की कमी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था…

डंकी रूट से लूट: युवाओं के सपनों की तस्करी

विदेश में सुनहरे भविष्य के लालच में, भारतीय युवा अवैध रास्तों के शिकार बन रहे हैं। एजेंटों का यह नेटवर्क न केवल कानून तोड़ रहा है, बल्कि परिवारों की उम्मीदों…

कुवि का दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र जुलाई 2026 से शुरू करेगा 11 नए ओडीएल कार्यक्रम

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक, 23 महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिया फैसला कुरुक्षेत्र, 03 नवंबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) में सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.…

विभिन्न प्रदेशों की लोक सांस्कृतिक कला के रंग से बदलेगा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 की फिजा का रंग:विश्राम कुमार मीणा

महोत्सव के लिए गठित की अलग-अलग कमेटियां, प्रशासन ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी,अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 का होगा 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजन, 16 नवंबर को होगी गीता…

 ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्ड कप 2025 के फ़ाइनल में पहुँची भारतीय महिला टीम!  जय हो भारतीय नारी शक्ति!

मेहनत, संघर्ष और नारी शक्ति का स्वर्णिम संगम। भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया! महिला क्रिकेट विश्वकप 2025 के सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश…

नियंत्रण या निगरानी : असम के नए कानूनों का व्यापक संदेश

“जब राज्य निजी जीवन में झाँकने लगे : असम के नए कानूनों का व्यापक संदेश” कानून ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता और समान नागरिक अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।…

गोवर्धन पूजा से श्रद्धा बढ़े, दिखावा नहीं

“कृष्ण का पर्व हमें सिखाता है कि असली भक्ति धरती, गाय और करुणा में है, कैमरे की चमक में नहीं।” गोवर्धन पूजा केवल भगवान कृष्ण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति,…

खुशियों की दीपावली : मन की अंधियारी दूर करने का समय

(रोशनी बाहर नहीं, मन के भीतर जलाएं दीये, रिश्तों और सुकून से रौशन होती है असली दीपावली।) दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि मन के अंधकार को मिटाने…

“जलते पुतले, बढ़ते रावण: दशहरे का बदलता अर्थ”

“पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज के भीतर छिपी बुराइयों का संहार ही दशहरे का असली संदेश है।” दशहरे पर रावण के पुतले जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि बुराई…