Category: International

‘हमेशा ऑनलाइन’ रहने के मायाजाल  की दौड़ में थकते युवा

 डिजिटल पहचान की अंधी प्रतिस्पर्धा ने मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन और वास्तविक अनुभवों को संकट में डाल दिया है। सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव युवाओं के मानसिक संतुलन और जीवनशैली…

श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के समागम से पवित्र हुई कुरुक्षेत्र की पावन धरा

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्म के 350 विद्यार्थियों ने किया शब्द कीर्तन, सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए की लगभग 4 हजार बसों की व्यवस्था, गुरुद्वारा साहिब और संतों के प्रयासों…

“नवदृष्टि का समय: बदलाव की राह अपने बच्चों से”

समाज को बदलने की शुरुआत: बच्चों को नई दृष्टि देने का संकल्प “समाज बदलने की पहली शर्त यही है कि हम अपने बच्चों को दुनिया को देखने की नई दृष्टि…

लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुचिता का प्रश्न और एसआईआर की अनिवार्यता

भारत में चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे जीवंत उत्सव है। मतदान जनता को अपनी आवाज़ सुनाने और नीतिगत दिशा तय करने का अवसर प्रदान करता है।…

“लोकतंत्र की रीढ़ या बाज़ार का शोर? प्रेस की स्वतंत्रता की परीक्षा”

राष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस (16 नवंबर) प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। जब पत्रकार निर्भय होते हैं, तब नागरिक सुरक्षित होते हैं। लेकिन आज सत्ता, बाज़ार और…

मनोरंजन ऐप्स की अंधी दौड़ और बढ़ती अश्लीलता 

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स तेज़ मुनाफ़े की दौड़ में कला, संवेदनशीलता और समाजिक मूल्यों को पीछे छोड़ते हुए अश्लीलता को नया ‘मनोरंजन’ बना रहे हैं — इसका दुष्प्रभाव विशेषकर युवाओं की मानसिकता…

जिग्मे सिंगये वांगचुक : भूटान के आधुनिक निर्माण और भारत-भूटान मित्रता के शिल्पकार

भूटान के पूर्व राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक (K4) ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश को आधुनिकता, लोकतंत्र और सांस्कृतिक संरक्षण के संतुलन पर खड़ा किया। उन्होंने सकल राष्ट्रीय सुख को…

दिल्ली धमाका : किसी बड़ी साजिश का संकेत

राजधानी की सुरक्षा पर गहरे सवाल, स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक दिल्ली के रोहिणी सीआरपीएफ स्कूल में हुआ धमाका केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक गहरी साजिश का…

सड़कों पर मौत की रफ़्तार पर ब्रेक कब लगेगा?

भारत में प्रतिदिन लगभग चार सौ लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। मुख्य कारण हैं — खराब सड़क डिजाइन, कमजोर प्रवर्तन, चालक प्रशिक्षण की कमी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था…