सवालों के सटीक जवाबों के आधार पर प्रतिभागियों का होता है मूल्यांकनः चन्द्रलेखा मुखर्जी
साक्षात्कार के दौरान दबाव महसूस मत करेंः सुमेधा कटारिया
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास जरूरीः 
 डॉ. आरआर फुलिया
कुवि के महात्मा गांधी आईएएस कोचिंग संस्थान द्वारा तीन दिवसीय एचसीएस-साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ


कुरुक्षेत्र, 6 जून। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुवि का महात्मा गांधी आईएएस कोचिंग संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए पिछले कई वर्षो से सराहनीय कार्य कर रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थान के द्वारा निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को न केवल मार्गदर्शन मिले बल्कि उनको निरंतर प्रेरणा भी मिलती रहे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सफलता का केन्द्र बनेगा। वे गुरुवार का सीनेट हॉल में महात्मा गांधी आईएएस कोचिंग संस्थान द्वारा 6 से 9 जून तक आयोजित एचसीएस-साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, सेवानिवृत्त आईएएस सुमेधा कटारिया, सेवानिवृत्त आईएएस  डॉ. आरआर फुलिया, कार्यक्रम निदेशक प्रो. जोगिन्द्र सिंह व कोऑर्डिनेटर डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा राज्य की सबसे पुरानी व हरियाणा प्रदेश की पहली ए-प्लस-प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी है जहां 49 विभागों में 200 से अधिक शैक्षणिक प्रोग्राम पढ़ाए जा रहे हैं। देश में सबसे पहले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभी यूजी प्रोग्राम्स में सत्र 2022-23 से एनईपी-2020 को लागू किया जा चुका है व सम्बन्धित महाविद्यालयों में सत्र 2023-24 से सभी प्रावधानों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। विश्वविद्यालय में शोध को बढ़ावा देने के लिए पेंटेट दर्ज करने के लिए इको सिस्टम विकसित किया गया है। शोध के क्षेत्र में केयू ने 60 से ज्यादा पेटेंट दर्ज किए हैं व 30 प्रकाशित भी किए जा चुके हैं।
कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में प्रख्यात माका ट्रॉफी में केयू ने लगातार दूसरे वर्ष तीसरा स्थान व 37वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रथम व ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त कर गौरवान्वित किया है।
संस्थान के निदेशक प्रो. जोगिन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता चन्द्रलेखा मुखर्जी, डायरेक्टर जनरल हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन ने ऑनलाइन जुडकर प्रतिभागियों को साक्षात्कार की बारीकियों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारा मूल्यांकन हमारे सवालों के सटीक जवाबों के आधार पर किया जाता है। संक्षिप्त में उत्तर देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि साक्षात्कार के दौरान सवालों का जवाब देने में जल्दबाजी न करें।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुमेधा कटारिया ने कहा कि साक्षात्कार के दौरान आप दबाव महसूस मत करें। साक्षात्कार लेने वाले विशेषज्ञ 99 प्रतिशत सकारात्मक सोच वाले होते हैं जो आपकी ज्ञान क्षमता का आंकलन करते हैं। अपनी कमियों को बड़ा करके मत देखे बल्कि अपने मजबूत पक्ष पर ज्यादा ध्यान दें। साक्षात्कार के दौरान अपने हाव भाव एवं भाषा की शुद्धता पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त आईएएस  डॉ. आरआर फुलिया ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास जागृत करने की आवश्यकता है। साक्षात्कार के लिए सकारात्मक रूप से सचेत होकर जाइए। किसी भी साक्षात्कार में एक प्रश्न का सही उत्तर यदि न दे आए तो असहज मत हो, आप कह सकते हैं इसके बारे में मैनें नहीं पढ़ा है। इस वर्ष यदि साक्षात्कार में सफल न हो तो अगले वर्ष फिर से नए जोश के साथ अपने मिशन की दोबारा से तैयारी करें। मंच का संचालन डॉ. आबिद अली ने किया।
इस मौके पर सेवानिवृत्त आईएएस सुमेधा कटारिया, सेवानिवृत्त आईएएस  डॉ. आरआर फुलिया, कार्यक्रम निदेशक प्रो. जोगिन्द्र सिंह व कोऑर्डिनेटर डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता, डॉ. अमित कम्बोज, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. नीरज बातिश सहित विद्यार्थी मौजूद थे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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