करनाल, 27 जुलाई। जिला स्तरीय एनकॉर्ड की मासिक बैठक आज यहां जिला सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में डा. रईया ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थाओं के आसपास 100 मीटर के दायरे में किराना की दुकानों का निरीक्षण किया जाए। उन पर किसी भी प्रकार का नशा बिकता पाए जाने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिला ड्रग नियंत्रण अधिकारी करनाल-एक और दो की ओर से बताया गया कि केमिस्ट दुकानों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। नशा / नशीली दवाएं बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। सभी केमिस्ट दुकानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं जिनकी कवरेज दुकान के साथ-साथ बाहर एवं सडक़ के क्षेत्र तक सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि औषधि मानकों के पालन के लिए जुलाई में अब तक 113 निरीक्षण किए गए। ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 के नियमों के उल्लंघन पर 28 फर्मों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। संतोषजनक जवाब न देने पर 8 फर्मों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
इसी प्रकार जिला ड्रग नियंत्रण अधिकारी करनाल-दो की ओर से बताया गया कि जून में औषधि मानकों के पालन के लिए 76 निरीक्षण किए गए। ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 के नियमों के उल्लंघन पर 22 फर्मों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। संतोषजनक जवाब न देने पर 11 फर्मों के ड्रग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
जिला न्यायवादी डा. पंकज सैनी ने बताया कि जून 2026 में चारों केसों का निपटारा किया गया जिनमें से तीन मामलों में सजा सुनाई गई और एक में आरोपी को बरी किया गया। बैठक में एडीसी ने जिला न्यायवादी को निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के केसों व अंडर ट्रायल केसों की उचित पैरवी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने रेलवे पुलिस व स्थानीय पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे स्टेशन व आसपास के क्षेत्र में समय-समय पर जांच कर नशा बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए। बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि स्कूलों में निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, क्विज आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित कर विद्यार्थियों को नशा के प्रति जागरूक किया जाता है। प्रार्थना सभा में भी उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाता है।
बैठक में डीएसपी सोनू नरवाल, जिला न्यायवादी डा. पंकज सैनी, उप सिविल सर्जन डा. मुनेश, ड्रग नियंत्रण अधिकारी विकास राठी व रितु महला, एएसआई राजेश कुमार, डीएचईओ प्रतिनिधि प्रो. कंवरभान आदि मौजूद रहे।
