ज्ञान मंदिर की 17वीं मंजिल से किए कुरुक्षेत्र के मंदिरों के दर्शन, ज्ञान मंदिर में विशाल भंडारे का भी किया आयोजन
कुरुक्षेत्र, 3 अगस्त।  श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम ट्रस्ट द्वारा शुरू की गई महाभारत 48 कोस यात्रा के दौरान दिल्ली व टोहाना के सैंकड़ों गणमान्यजन ज्ञान मंदिर पहुंचे और 48 कोस के तहत विभिन्न तीर्थ का भ्रमण किया। यहां पहुंचने पर ट्रस्ट के प्रधान राजेश गोयल के नेतृत्व में ट्रस्ट के सदस्यों ने यात्रा में पहुंचे सभी गणमान्य जनों का स्वागत किया इस दौरान ज्ञान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। ज्ञान मंदिर पहुंचकर सभी गणमान्यजन गदगद नजर आए और 17वीं मंजिल  पर जाकर पूरे कुरुक्षेत्र के मंदिरों के दर्शन किए।
यहां प्रधान राजेश गोयल ने सभी यात्रियों को ज्ञान मंदिर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम ट्रस्ट द्वारा सभी के सहयोग से बनाए जा रहे 18 मंजिला ज्ञान मंदिर का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है। इस मंदिर को पूरा दार्शनिक बनने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भारत ही नहीं अपितु देश-विदेश के यात्री यहां पर पहुंचे और कुरुक्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा मिले। धर्मभूमि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की यात्रा में आने वाले महाभारत कालीन तीर्थ स्थलों के दर्शनों के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान आरंभ किया गया। जिसके अंतर्गत दिल्ली और टोहाना से बसों के  माध्यम से यात्रियों को महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए गए, जिनका जीर्णोद्धार का जिम्मा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (हरियाणा सरकार ) द्वारा पिछले काफी समय से किया जा रहा है।  दिल्ली से पधारे कार्यकारिणी के सदस्य ट्रस्ट के महामंत्री सुभाष बिंदल, हिमांशु अग्रवाल, नरेंद्र बिंदल,श्री प्रीति पाल जिंदल,भरत कुमार,कृष्ण  गोयल द्वारा सभी मेहमानों का भरपूर स्वागत किया गया। रेनू एवं  प्रीति पाल  जिंदल परिवार द्वारा भंडारे में विशेष सहयोग किया गया। टोहाना से नरेश बंसल, नरेश गोयल, कृष्ण अग्रवाल, जोगीराम के नेतृत्व में कमेटी के पार्षदों और शहर के प्रमुख व्यवसायियों द्वारा 18वीं मंजिल पर पहुंच कर पूरे  कुरुक्षेत्र शहर का दर्शन किया एवं प्रमुख स्थानों का अवलोकन किया।
दिल्ली से अशोक जी, विनोद सिंघल, मंगला के नेतृत्व में दिल्ली शहर के प्रमुख व्यवसायी और वरिष्ठ नागरिकों का एक उच्च स्तरीय क्लब परिवार के सहित दर्शनों के लिए पहुंचा। संस्था के प्रधान राजेश गोयल ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ पिहोवा स्थित प्राचीन शिव मंदिर अरुणाय से पूजा अर्चना करके किया गया।
उसके बाद ज्योतिसर तीर्थ स्थल, कमोदा, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में हरियाणावी संस्कृति का अमूल्य उपहार धरोहर म्यूजियम का भी भ्रमण किया गया। धरती के प्रथम शिवलिंग थानेश्वर मंदिर एवं भद्रकाली मंदिर, सन्निहित सरोवर, ब्रह्मसरोवर पर स्नान कर एवं दर्शन कर के यात्रा का समापन किया गया। कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों द्वारा आए हुए यात्रियों का भव्य स्वागत एवं आभार प्रकट किया गया तथा भविष्य में ऐसी यात्राओं के आयोजन के लिए प्रेरित किया। सभी यात्रियों ने उत्तम व्यवस्था के लिए ज्ञान मंदिर ट्रस्ट की कार्यकारिणी एवं सभी सदस्यों तथा कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा प्रदत्त अनुभवी गाइड के लिए भी आभार प्रकट किया, जिन्होंने अपने अनुभव से कम समय में प्राचीन तीर्थ स्थलों के महत्व का वर्णन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संरक्षक ट्रस्टी प्रेरणा के संस्थापक  जयभगवान सिंगला, सतपाल सिंगला,सतीश मित्तल,विशाल सिंगला,विनोद सिंगला, विशेष गर्ग, विनय गुप्ता  हिमांशु मित्तल,विनोद गर्ग,सतीश बिंदल, बी बी मित्तल,विजय गर्ग,राजीव सान्याल, पदम जी, सरदार रघुवीर चट्ठा, रविंद्र राठौर का  उल्लेखनीय योगदान रहा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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