हिमाचल प्रदेश में कल यानी 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। 68 सीटों पर कुल 412 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुबह आठ बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और शाम पांच बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया गया है।
सभी संस्थान बंद रहेंगे
हिमाचल सरकार ने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए राज्य में सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थाओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए कल सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग के अनुसार 157 मतदान केन्द्रों पर केवल महिला कर्मचारी ही तैनात रहेंगी। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 11, बहुजन समाज पार्टी के 13, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में है।
कुल 55 लाख 74 हजार 793 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 28 लाख 46 हजार 201 पुरुष और 27 लाख 28 हजार 555 महिला मतदाता हैं। 37 मतदाता तृतीय लिंग की श्रेणी में आते हैं।
हिमाचल प्रदेश में टशीगंग विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित मतदान केन्द्र है। इसकी ऊंचाई समुद्र से 15 हजार 256 फीट है।
हिमाचल प्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड कांग्रेस के वीरभद्र सिंह के नाम दर्ज है। वीरभद्र सिंह 21 साल से ज्यादा समय तक सूबे के मुख्यमंत्री रहे। वीरभद्र सिंह पांच बार हिमाचल प्रदेश के मुखिया रहे।
कांग्रेस के यशवंत सिंह परमार 18 साल से अधिक समय तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वीरभद्र सिंह की तरह ही यशवंत सिंह भी पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इन दोनों के अलावा ठाकुर राम लाल तीन बार, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल ने दो-दो बार राज्य की कमान संभाली। इसके अलावा दो बार राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगा।
68 सीटों पर कुल 412 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को 35 सीटों की जरूरत होगी। पिछली बार यानी 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने 44 सीटों पर जीत हासिल करके सरकार बनाई थी। तब कांग्रेस को 21, सीपीएम को एक सीट पर जीत मिली थी। दो सीटें अन्य के खाते में गईं थीं।
हिमाचल प्रदेश के 23 प्रतिशत यानी 94 प्रत्याशियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। 50 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
412 प्रत्याशियों में से 226 यानी 55 प्रतिशत करोड़पति हैं। प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.65 करोड़ रुपए है। करोड़पतियों को टिकट देने के मामले में कांग्रेस सबसे आगे है। कांग्रेस के 68 में से 61 प्रत्याशियों की संपत्ति एक करोड़ या इससे अधिक की है। इसके बाद भाजपा का नंबर आता है। भारतीय जनता पार्टी के 82 प्रतिशत यानी 56 उम्मीदवारों के पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। आम आदमी पार्टी के 35 प्रत्याशी करोड़पति हैं।
शिमला की चौपाल से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बलबीर सिंह वर्मा हिमाचल प्रदेश के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। बलबीर के पास कुल 128 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें करीब 4.65 करोड़ रुपये की चल और 123 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। बलवीर 49.84 लाख रुपये की कार से चलते हैं और पत्नी के पास 29 लाख रुपये के गहने हैं। बलबीर मौजूदा विधानसभा के भी सबसे अमीर विधायक हैं।
शिमला की ठियोग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे राकेश पर सबसे ज्यादा 30 मामले दर्ज हैं। राकेश सीपीआई (एम) के प्रत्याशी हैं। राकेश पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं।
