डॉ. चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को विकास कार्यों की उचित योजना बनाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने की व्यावहारिक जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को कार्यक्षेत्र में लागू करना चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी कार्यशैली में निरंतर सुधार लाने और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। डॉ. चौहान ने सभी प्रतिभागियों को मातृभाषा में कार्य करने का संकल्प दिलवाया तथा अपने दैनिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
डॉ. चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल योजनाओं को स्वीकृति देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से क्रियान्वयन और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारी विकास कार्यों की निगरानी, संसाधनों के उचित उपयोग तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और परिणामोन्मुख बनाने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद के एसोसिएट प्रोफेसर रमेश सखीवेल ने कहा कि बीबी जी राम जी के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए तकनीकी जानकारी, निर्धारित प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की स्पष्ट समझ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण प्रशिक्षण से प्रतिभागियों की दक्षता बढ़ती है और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक एवं संस्थान के सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने बताया कि दो दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वीकृत कार्यों की योजना, क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी प्रतिभागियों को अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने में उपयोगी सिद्ध होगी।
हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग से उपस्थित तरणदीप कौर ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजनाओं की प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन संबंधी नियमों की उचित जानकारी होना जरूरी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकुशलता बढ़ाने और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर सोनिया, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, दिलावर सिंह, कनिष्ठ अभियंता सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
