अम्बाला में दीपावली व अन्य त्यौहारों को छोडक़र 08 नवम्बर से 31 जनवरी 2027 तक रहेगा पटाखे चलाने पर प्रतिबंध, क्रिसमिस व नववर्ष पर रात्रि 11.55 से 12.30 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की होगी अनुमति
अम्बाला, 24 अक्तूबर
जिलाधीश एवं उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि अदालत और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों की पालना करते हुए अम्बाला जिले में 08 नवम्बर 2026 से लेकर 31 जनवरी 2027 तक पटाखे बनाने, बेचने और चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों के अनुसार केवल ग्रीन पटाखों का प्रयोग दीपावली, क्रिसमस, नववर्ष, गुरू पर्व व अन्य त्यौहारों पर निर्धारित समय अवधि के लिए छूट प्रदान की जायेगी। इन आदेशों की अवहेलना करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एक्सपलोसिव एक्ट 1884 व एक्सपलोसिव रूल 2008 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
जिलाधीश सचिन गुप्ता ने जारी आदेशों में कहा है कि धारा 163, भारतीय नागरिक संहिता, दी एक्सपलोसिव एक्ट-1884 व दी एक्सपलोसिव नियमों को जहन में रखते हुए अम्बाला जिले में ग्रीन पटाखों को छोडक़र दूसरे पटाखे बनाने, बेचने, चलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध 08 नवम्बर 2026 से लेकर 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। लेकिन इस अवधि के दौरान दीपावली के दिनों, गुरू पर्व व अन्य महोत्सवों पर रात्रि 8 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही क्रिसमस और नववर्ष पर भी ग्रीन पटाखे रात्रि 11.55 से लेकर 12.30 बजे तक चलाए जा सकेंगे।
जिलाधीश सचिन गुप्ता ने जिला के लोगों से दिवाली का त्यौहार ग्रीन पटाखों के साथ मनाने की अपील की है और कहा है कि सभी को प्रदूषण नियंत्रण के प्रति सजग होकर सहयोग करना होगा तभी प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। जिलाधीश सचिन गुप्ता द्वारा हाल ही में पटाखों के भंडारण, निर्माण व इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध लगाया है। इस कार्य की गतिविधि पर नजर रखने के लिए जिलाधीश द्वारा डयूटी मैजिस्ट्रेट की भी नियुक्त किए गए है। प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए जिलाधीश द्वारा प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि वायु प्रदूषण सबके लिए समान रूप से हानिकारक है। वायु प्रदूषण से पर्यावरण व आमजन सहित बच्चों, बुजुर्गों व दिल की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोगों को कई बीमारियां भी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों व रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा प्रदेश में सर्दी के मौसम विशेषकर नवम्बर से लेकर जनवरी तक वायु प्रदूषण पीक पर होता है। पटाखे फोडऩा वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। पटाखे फोडऩे से वायु में केवल मैटल पार्टिकल्स खतरनाक टॉक्सिन्स, हार्मफुल केमिकल्स व गैस ही उत्सर्जित नहीं होती बल्कि इससे हार्मफुल पीएम 2.5 व पीएम-10 भी निकलते हैं, जिनसे व्यापक स्तर पर वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल-एनजीटी ने पटाखे चलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर कड़ा संज्ञान लिया है और पटाखे चलाने पर पूरी तरह सख्त हैं।
