– कोलंबो यूनिवर्सिटी में सीनियर लेक्चरर हैं डॉ चमिका हथ्लहावट्टा
– एक्टिंग के 2021 बैच के छात्रों को 40 दिन तक देंगे ट्रेनिंग
17 सितंबर 2026, रोहतक।
दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में एक्टिंग के ग्रेजुएशन बैच 2021 के छात्रों को थिएटर सिखाने के लिए प्रसिद्ध श्रीलंकन थिएटर प्रैक्टिशनर डॉ चमिका हथ्लहावट्टा को आमंत्रित किया गया है। सुपवा पहुंचने पर डॉ चमिका हथ्लहावट्टा का फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी व छात्रों की ओर से स्वागत किया गया। वे 40 दिन तक यहां रूकेंगे और छात्रों को थिएटर की बारीकियां सिखाएंगे।
एफटीवी के एफसी महेश टीपी ने बताया कि डॉ चमिका हथ्लहावट्टा कोलंबो विश्वविद्यालय में सीनियर लेक्चरर हैं। ड्रामा व थिएटर में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने फिलॉसफी में पीएचडी की हुई है। श्रीलंका में थिएटर को जीवंत रखने वाले चुनिंदा लोगों में उनका नाम लिया जाता है। वे फरवरी महीने में भारत रंग महोत्सव के दौरान सुपवा आए थे। यहां श्रीलंका के कलाकारों ने उनके द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक ‘कोलंबा हठे थोरणा’ का मंचन किया था, जिसे काफी सराहना मिली थी। डॉ चमिका हथ्लहावट्टा के पास थिएटर व स्टेज प्रोडक्शन के क्षेत्र में लंबा व्यावसायिक अनुभव है। उनके द्वारा लिखे व निर्देशित किए गए नाटकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जमकर सराहा जाता है।
कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि श्रीलंकन थिएटर प्रैक्टिशनर छात्रों को अभिनय, शारीरिक अभिव्यक्ति, आवाज, मंच अनुशासन व कहानी कहने की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे। उन्हें बुलाने का उद्देश्य सुपवा के छात्रों को थिएटर की पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोगधर्मी रंगमंच की संभावनाओं से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के दौरान श्रीलंकाई रंगमंच की विशिष्ट शैलियों, लोक परंपराओं व समकालीन थिएटर के बीच संबंधों की जानकारी भी छात्रों को मिलेगी। छात्रों को व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से मंच पर अपनी अभिव्यक्ति विकसित करने का अवसर भी दिया जाएगा। डॉ आर्य ने बताया कि यह प्रशिक्षण सत्र सुपवा व श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय थिएटर अनुभव प्राप्त करने के साथ-साथ नई सोच व तकनीकों को अपने रंगमंचीय व्यवहार में प्रयोग करने की प्रेरणा मिलेगी।
