कुरुक्षेत्र 18 अगस्त केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पवित्र सरस्वती नदी के उत्थान के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इस नदी को फिर से धरातल पर प्रवाहित करने के लिए हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की स्थापना करके एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अहम पहलू यह है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने केंद्रीय कानून मंत्री से मिलकर राजस्थान में इस नदी पर विकास कार्य करवाने के लिए चर्चा की। इसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा बोर्ड उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच की अगुवाई में एक समिति का गठन किया गया है जो इस परियोजना को पूरा करेगी।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह ने बातचीत करते हुए कहा कि सरस्वती नदी के विकास की परियोजनाओं पर निरंतर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरस्वती नदी को फिर से प्रवाहित करने के साथ-साथ भूजल स्तर में भी काफी सुधार हो रहा है। इस कड़ी में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के साथ राजस्थान में भी इस नदी पर विभिन्न विकास परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए चर्चा की गई। इस चर्चा के उपरांत एक कमेटी का गठन किया गया है, जो इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए कार्य करेगी। बोर्ड उपाध्यक्ष ने केंद्रीय कानून मंत्री को सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक सरस्वती नदी के किनारे 111 तीर्थों का जीर्णोद्धार हुआ है। वहीं घाटों की चारदीवारी के साथ जल संरक्षण का कार्य भी किया गया है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने हरियाणा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सरस्वती नदी के तट पर ही भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता विकसित हुई है। पवित्र सरस्वती नदी का वर्णन हमें वेदों, ग्रंथों में पवित्र नदी एवं वाणी की देवी सरस्वती के रूप में भी मिलता है। सरस्वती नदी वेद और वैज्ञानिक दोनों रूपों में प्रमाणिक है। सरस्वती नदी बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा की जननी है। सरस्वती नदी का इतिहास 2.5 करोड़ वर्षों पुराना है। जिसकी वैज्ञानिकता को भी प्रमाणित किया गया है।
