कुरुक्षेत्र, 7 अगस्त। हिंदी विविध आयामी रोजगार की भाषा है। हिंदी के माध्यम से शिक्षक, मंच संचालक, हिंदी अधिकारी, भाषा अधिकारी, अनुवाद अधिकारी, दुभाषिया, सृजनात्मक लेखक, विज्ञापन, उद्घोषक, संवाद लेखन, फिल्म लेखन, पटकथा के साथ-साथ केन्द्रीय हिंदी विभागों में हिंदी अधिकरी के रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। एआई के दौर में हिंदी अनुवादक एवं दुभाषिया के साथ-साथ कमेंटेटर एवं रेडियो जॉकी के क्षेत्र में भी हिंदी में रोजगार की नई संभावनाएं पनपी हैं। यह उद्गार हिंदी विभाग में हिंदी विषय में रोजगार की संभावनाओं विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में बैंक ऑफ बड़ौदा की क्षेत्रीय भाषा अधिकारी एवं प्रबंधक सरिता हर्ष ने शुक्रवार को गणपति चन्द्र गुप्त हॉल में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
सरिता हर्ष ने विद्यार्थियों को हिंदी के साथ तकनीकी एवं संचार कौशल विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि भाषा पर अच्छी पकड़, डिजिटल दक्षता और रचनात्मक सोच के समन्वय से विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि आज हिंदी केवल साहित्य और अभिव्यक्ति की भाषा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह रोजगारपरक एवं वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है। डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, विज्ञापन, सिनेमा, टेलीविजन, सोशल मीडिया, पर्यटन तथा विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में हिंदी के जानकारों के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में हिंदी के लिए संभावनाओं का दायरा और व्यापक हुआ है। हिंदी भाषा के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को जोड़कर विद्यार्थी देश-विदेश में बेहतर करियर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे हिंदी को केवल एक विषय के रूप में न लें, बल्कि इसे रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक संवाद का प्रभावी माध्यम बनाते हुए अपने कौशल एवं व्यक्तित्व का विकास करें।
महाप्रबंधक पुनीत जैन ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा हिंदी भाषा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को 11,000 रुपये एवं 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंदी विषय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं अपने करियर के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
इस अवसर पर बड़ौदा बैंक की क्षेत्रीय अधिकारी शीतल शर्मा, डॉ. जसबीर, डॉ. बहादुर सिंह सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि आज हिंदी केवल साहित्य और अभिव्यक्ति की भाषा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह रोजगारपरक एवं वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है। डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, विज्ञापन, सिनेमा, टेलीविजन, सोशल मीडिया, पर्यटन तथा विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में हिंदी के जानकारों के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में हिंदी के लिए संभावनाओं का दायरा और व्यापक हुआ है। हिंदी भाषा के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को जोड़कर विद्यार्थी देश-विदेश में बेहतर करियर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे हिंदी को केवल एक विषय के रूप में न लें, बल्कि इसे रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक संवाद का प्रभावी माध्यम बनाते हुए अपने कौशल एवं व्यक्तित्व का विकास करें।
महाप्रबंधक पुनीत जैन ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा हिंदी भाषा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को 11,000 रुपये एवं 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंदी विषय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं अपने करियर के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
इस अवसर पर बड़ौदा बैंक की क्षेत्रीय अधिकारी शीतल शर्मा, डॉ. जसबीर, डॉ. बहादुर सिंह सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।
