कुरुक्षेत्र, 5 अगस्त। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के अंतर्गत आज जिला कुरुक्षेत्र में जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार ने शिरकत जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी कमल बत्रा ने की।
मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, अनुसंधान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने सभी विद्यालयों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा स्थानीय समस्याओं पर आधारित गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएँ तैयार कराने का आह्वान किया। खंड शिक्षा अधिकारी कमल बत्रा ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा तथा वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए नवाचारी परियोजनाएं विकसित करने के लिए प्रेरित करें, जिससे वे समाज एवं पर्यावरण से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान खोज सकें।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद का प्रमुख विज्ञान संचार कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता तथा समस्या-समाधान कौशल का विकास करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थी सामान्यत: दो-दो के समूह में शिक्षक के मार्गदर्शन में स्थानीय समस्याओं पर वैज्ञानिक अध्ययन करते हैं, तथ्य एकत्रित करते हैं, उनका विश्लेषण करते हैं तथा व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने वर्ष 2026-27 की मुख्य थीम सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष विद्यार्थी जल संरक्षण एवं पुनर्चक्रण, ऊर्जा खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे उप-विषयों पर अपने शोध-आधारित प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं।
जिला संयोजक सुनीता सैनी ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेसी -2026 की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रदर्शन करते हुए आवश्यक दस्तावेज, समय-सीमा, परियोजना चयन, रिपोर्ट लेखन, वैज्ञानिक पद्धति, प्रस्तुतीकरण तथा मूल्यांकन मानदंडों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय, खंड, जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। इस अवसर पर एपीसी प्रदीप कुमार, जिला संयोजक सुनीता सैनी, रिसोर्स पर्सन डॉ पवन कुमार, जितेंद्र सिंह, अनुराधा, अनुराधा, निधि तथा राजेश कुंडू सहित जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों के विज्ञान अध्यापक एवं मार्गदर्शक शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के सफल आयोजन एवं जिले से अधिकाधिक गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए।
