कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शोध पत्रिका (कला एवं मानविकी) के वर्ष 2026 के खंड-60, अंक-1 के वाणिज्य विषयक विशेषांक का विमोचन किया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शोध प्रकाशन विश्वविद्यालय की सर्वाेच्च प्राथमिकता है क्योंकि शोध ही किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान और उसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का आधार होता है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी एवं वैश्विक परिवेश में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान समाज, उद्योग और नीति निर्माण के लिए नई दिशा प्रदान करता है। विश्वविद्यालय निरंतर ऐसी शोध संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, जो ज्ञान के साथ-साथ समाज की वास्तविक आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करे।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 बहुविषयक एवं नवाचार आधारित शोध को विशेष महत्व देती है। यह विशेषांक भी नवाचार, समावेशन, सतत विकास, डिजिटल परिवर्तन और उत्तरदायी व्यवसाय जैसे समकालीन विषयों पर आधारित शोध को एक मंच प्रदान करता है। इससे शोधार्थियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा नीति-निर्माताओं को नवीन दृष्टिकोण और उपयोगी संदर्भ सामग्री प्राप्त होगी।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने पत्रिका के प्रधान संपादक प्रो. दिनेश के. गुप्ता, विशेषांक के अतिथि संपादक प्रो. महाबीर नरवाल तथा सभी शोधकर्ताओं एवं संपादकीय मंडल को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन विश्वविद्यालय की शोध परंपरा को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रतिष्ठा को नई पहचान दिलाते हैं।
इस मौके पर प्रधान संपादक प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जर्नल को स्कोपस तथा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस में अनुक्रमित कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे इसकी वैश्विक शैक्षणिक एवं शोधगत पहुँच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
प्रो. महाबीर नरवाल ने बताया कि यह विशेषांक वाणिज्य विषय पर केंद्रित है, जिसमें डिजिटल विपणन, ई-कॉमर्स, सतत बैंकिंग, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, डिजिटल वित्तीय साक्षरता, हरित लॉजिस्टिक्स, संगठनात्मक व्यवहार, उपभोक्ता व्यवहार, आभासी एवं संवर्धित वास्तविकता तथा सामाजिक उद्यमिता सहित अनेक समकालीन विषयों पर 15 शोध आलेख प्रकाशित किए गए हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल, प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता, प्रो. महाबीर नरवाल, संपादकीय समिति के सदस्य प्रो. कृष्णा देवी, प्रो. एस. के. चहल, डॉ. हरिओम, डॉ. ज्योति खजूरिया, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. जिम्मी शर्मा तथा डॉ. अर्चना सहित प्रेस मैनेजर रामेश्वर सैनी, राहुल वर्मा व शोधार्थी विकास उपस्थित रहे। अंत में सभी सदस्यों ने प्रकाशन की गुणवत्ता, विषय-वस्तु की उत्कृष्टता तथा समयबद्ध संपादन सुनिश्चित करने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए और आगामी कार्ययोजना पर सहमति व्यक्त की।
