कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा 7 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जाने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर स्तनपान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. मंजू शर्मा ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र ज्योतिसर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर ज्योतिसर में स्तनपान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. कोमल सैनी एवं गीता देवी (एम.पी.डब्ल्यू.) ने उपस्थित गर्भवती एवं धात्री माताओं को शिशु के लिए मातृ दुग्ध के महत्व, सही स्तनपान तकनीक, स्तनपान से माँ एवं शिशु को होने वाले स्वास्थ्य लाभ तथा स्तनपान के दौरान होने वाली सामान्य समस्याओं की रोकथाम एवं उपचार संबंधी जानकारी दी। इसके साथ ही स्तनपान के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही आयुष ग्राम कलाल माजरा की टीम द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र रामनगर 112 में भी स्तनपान के महत्व एवं इसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा दु:ख भंजन महादेव मंदिर में नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में श्रद्धालुओं एवं आमजन को नि:शुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परामर्श, औषधि वितरण तथा स्वास्थ्य संवर्धन एवं रोगों की रोकथाम संबंधी परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही आयुष विभाग द्वारा दुख निवारण महादेव मंदिर, कुरुक्षेत्र में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. सोनाक्षी धीमान, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी सिम्मी, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट और निशी, योग सहायक ने अपनी सेवाएं दीं।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि जीवन के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम एवं संपूर्ण आहार है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं स्तनपान माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है तथा माँ और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध को सुदृढ़ करता है। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान एवं नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. संतोष, धर्मवीर, अशोक कुमार तथा कविता रानी उपस्थित रहे।
