कुरुक्षेत्र,29 जुलाई : वशिष्ठ कालोनी स्थित श्री लालद्वारा मंदिर में बुधवार को गुरू पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परशुराम सेना के प्रधान इंद्रजीत शर्मा,विमल शर्मा परिवार मुख्यातिथि रहे। सुबह हवन में मुख्य यजमान इंद्रजीत शर्मा परिवार ने आहुतियां दी। तत्पश्चात मयूर शर्मा द्वारा ध्वजारोहण किया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान केवल कृष्ण पाठक और उप प्रधान अशोक भारद्वाज ने सभी सदस्यों के साथ मुख्यातिथि का स्वागत करके स्मृति चिन्ह प्रदान किया। भक्ति प्रवचनों में पुजारी दीपक मिश्र ने गुरू महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा लाल दयाल जी एक अवतारी महापुरुष थे, जिनकी गणना धैर्यशाली कर्मयोगियों में की जाती है। बाबा जी में भगवान द्वारा प्रदत आलौकिक शक्तियां थी जो उन्होंने घोर तपस्या करके प्राप्त की थी। बाबा लाल दयाल जी का जन्म फिरोजशाह तुगलक के समय में हुआ था। उन्होंने 10 वर्ष की आयु में ही घर को त्याग दिया। इसके उपरांत उन्होंने भारत के कई नगरों का भ्रमण करके अदभुत ज्ञान प्राप्त किया और जन कल्याण के कार्य किए। इसके बाद वे पंजाब के गुरदासपुर के पास कलानौर में आकर रहने लगे और 12 किलोमीटर की दूरी पर अपना सिद्ध स्थान बनायाए जिसे ध्यानपुर धाम के नाम से जाना जाता है। सत्संग के दौरान महिला श्रद्धालुओं द्वारा सुनाए गए भजन इक दो गल्लां अज्ज करनी तेरे नाल बाबा लाल….. पर श्रद्धालु झूम उठे। सत्संग के पश्चात भंडारे में श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर इस अवसर पर प्रधान केवल कृष्ण पाठक,उप प्रधान अशोक भारद्वाज,सचिव वेद आनंद,ऑडिटर एस के कपिला,कैशियर कुलदीप भास्कर,जगदीश भास्कर,ओम प्रकाश लालका,राकेश शर्मा,गुलशन बाम्बा,सतीश गुलाटी,शिवकुमार शर्मा,आर.के.गुलाटी,श्याम जुनेजा,कृष्ण लाल अरोड़ा,राकेश सूरी,वीरेंद्र गुलाटी,सतीश जुनेजा,रमेश जोशी,कैलाश चन्द कपूर, वीरेन्द्र हरजाई और नवीन छिब्बर सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं।
