करनाल, 28 जुलाई। एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि जिला को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए स्थानीय उत्पादों, उद्योगों तथा उद्यमियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। इसके लिए सभी विभाग एवं संस्थान आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्यात को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
एडीसी डॉ. राहुल रईया मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला को एक्सपोर्ट हब बनाने के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समन्वय को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की विस्तृत एक्सपोर्ट प्रोफाइल तैयार की जाए तथा जिले के सभी निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) की सूची तैयार की जाए, ताकि जिला को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्यातकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र उद्यमी तक पहुंचाया जाए तथा जिले की निर्यात क्षमता का व्यापक आकलन करते हुए नए उत्पादों और नए बाजारों की पहचान की जाए।
एडीसी ने कहा कि निर्यात बढ़ाने में आने वाली चुनौतियों को चिन्हित कर उनका समयबद्ध समाधान किया जाए, जिससे जिले के व्यापार को नई गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला एक्सपोर्ट एक्शन प्लान शीघ्र तैयार किया जाए तथा इसकी समीक्षा के लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने उपस्थित निर्यातकों से कहा कि प्रशासन के स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव है, उन्हें लिखित रूप में प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका शीघ्र समाधान कराया जा सके।
बैठक में एमएसएमई विभाग के संयुक्त निदेशक रितुल, एमएसएमई डीएफओ की सहायक निदेशक मीनू दीवान, एलडीएम सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
