कुरुक्षेत्र, 28 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा धारा 5ए(1ए), हरियाणा ग्राम सामान्य भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 के तहत ग्राम पंचायत (शामलात) भूमि पर 31 मार्च 2004 से पूर्व निर्मित मकानों के नियमितीकरण के लिए समाधान पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आवेदन के साथ शपथ पत्र/आवेदन पत्र, नवीनतम जमाबंदी, वर्ष 2004 अथवा उससे पूर्व की जमाबंदी, नवीनतम खसरा गिरदावरी, अक्स-शजरा, निशानदेही रिपोर्ट एवं फील्ड बुक, मकान के सभी दिशाओं से रंगीन फोटोग्राफ, 31 मार्च 2004 से पूर्व कब्जा सिद्ध करने वाले दस्तावेज (जैसे बिजली या पानी का कनेक्शन अथवा अन्य वैध अभिलेख), वास्तुकार द्वारा तैयार साइट प्लान, मूल्य निर्धारण संबंधी दस्तावेज तथा आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक सहायक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली सभी फाइलें स्पष्ट, पठनीय एवं पीडीएफ प्रारूप में होनी चाहिए। अधूरे अथवा त्रुटिपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे तथा ऐसे आवेदन वापस भी किए जा सकते हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिन आवेदकों ने पहले नियमितीकरण के लिए ऑफलाइन आवेदन जमा किए थे, उन्हें भी अपने आवेदन समाधान पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने होंगे। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद ही प्रकरणों की जांच एवं आगामी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार त्वरित गति से की जा सकेगी। इसलिए सभी संबंधित आवेदक अपने आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें, ताकि उनके मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पंचायत की शामलात भूमि पर कानूनी मालिकाना हक पाने के लिए सरकार ने नागरिकों के लिए समाधान पोर्टल शुरू किया गया है। ये शामलात भूमि पर बसे परिवारों को उनके आवास का वैध स्वामित्व प्रदान करने वाली प्रदेश सरकार की नई पहल है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पोर्टल पर ही 5 चरणों की जांच व स्वीकृति के बाद ऑनलाइन मालिकियत प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। समाधान पोर्टल के माध्यम से मालिकियत प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित रहेगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से पहले पंचायत भूमि पर बने मकान के लिए ही नियमानुसार आवेदन किया जा सकता है। इस आवेदन पर 500 वर्ग गज तक के मकान का ही नियमितीकरण किया जाएगा। सरकार द्वारा इस विषय को लेकर लगातार कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मालिकाना हक पाने के लिए आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र पाने तक पांच चरण की प्रक्रिया रहेगी। पहले चरण में समाधान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, इसमें विवरण और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में ग्राम सत्यापन होगा यानी ग्राम पंचायत द्वारा जांच करके सत्यापित किया जाएगा। तीसरे चरण में फील्ड सर्वे होगा, इस चरण में क्षेत्रीय अधिकारी मौके का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट करेगा। उन्होंने कहा कि चौथे चरण में मुखालय स्वीकृति लेनी होगी, इस चरण में मुख्यालय अधिकारी अनुमोदन देगा। पांचवें और अंतिम चरण में पोर्टल ही डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में आवेदन को किसी भी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं होगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया सरल है। इसके लिए नागरिकों को वेब ब्राउजर में समाधान डॉट हरियाणा डीपी डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल को खोलना होगा। इसके बाद लिंक पर क्लिक करना होगा (पंचायत भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों के नियमितीकरण हेतु आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें)। आवेदक को अपना जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुननी है। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी, आधार संख्या, मोबाइल नंबर दर्ज करें। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें। इसके बाद मांगी गई अन्य जानकारी को भरें, संबंधित डाक्यूमेंट अपलोड करें और सेव के बटन पर क्लिक करें। सहमति पत्र डाउनलोड करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद नागरिक को एसएमएस के माध्यम से सूचना प्राप्त होगी।
उन्होंने जिले के पात्र नागरिकों से अपील की कि यदि उनका मकान ग्राम पंचायत की भूमि पर 31 मार्च 2004 से पूर्व बना हुआ है और वे नियमितीकरण के पात्र हैं, तो वे निर्धारित समयावधि में पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें।
