करनाल, 27 जुलाई। डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह निर्णय आम जनता की समस्याओं के निराकरण करने का कारगर मंच साबित हुआ है। समाधान शिविरों के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ा है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है।
डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा सोमवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित शिविर में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडल स्तरों पर आज आयोजित समाधान शिविरों में 7 शिकायतें आईं। इनमें करनाल मुख्यालय पर 4, नीलोखेड़ी, इंद्री व घरौंडा उपमंडल में एक-एक शिकायत प्राप्त हुई। वहीं असंध में आयोजित समाधान शिविर में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
इस अवसर पर एडीसी डा. राहुल रईया व सीटीएम सुरेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ये आई समस्याएं
करनाल मुख्यालय पर आयोजित समाधान शिविर में आशा देवी गांव ऊंचा समाना में तोमर चौपाल से 40-50 साल पुराने प्राचीन बड़ के पेड़ काटने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने बारे, रिटायर्ड सूबेदार पृथ्वी सिंह गांव घीड़ की खेती की जमीन के किला नंबर 28/5 में रकबा ठीक करवाने बारे, अमित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र होने व लिस्ट में नाम आने के बावजूद सरपंच प्रतिनिधि द्वारा नाम लिस्ट में से कटवाने की धमकी देने व अपात्र व्यक्तियों के मकान गैर कानूनी तरीके से पास करवाने के संबंध में दोबारा मकान की जांच करने व लिस्ट में से नाम कटवाने की धमकी देने के संबंध में कार्यवाही करने बारे, महाबीर गांव पिचौलिया में महिला सरपंच द्वारा पंचायती जमीन पर जिप्सम व कंप्यूटर गोडी ना लगवाने व उसके ससुर द्वारा अपने आप को सरपंच बता कर धमकी देने से संबंधित समस्याएं लेकर आए। इसी प्रकार नीलोखेड़ी उपमंडल में राजकरण पीपीपी में जन्म तिथि और बैंक अकाउंट वेरीफाई करवाने के लिए आए। इंद्री में बलिंदर कुमार फैमिली आईडी में जन्मतिथि वेरीफाई करवाने के लिए आए वहीं घरौंडा में काजल क्रिड करनाल से संबंधित समस्या लेकर आईं।
