कुरुक्षेत्र, 16 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (यूएसएम) द्वारा तैयार ‘‘इंटर्नशिप रिपोर्ट 2026-27’’ का विमोचन गुरुवार को कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया। यह रिपोर्ट विद्यार्थियों की इंटर्नशिप उपलब्धियों, उद्योग जगत के साथ विभाग की सहभागिता, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा रोजगारोन्मुखी प्रयासों का विस्तृत दस्तावेज है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ती है। इससे उनमें व्यावसायिक दक्षता, समस्या समाधान क्षमता, नेतृत्व कौशल तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट भविष्य में भी उद्योग जगत के साथ मजबूत संबंध स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।
विभागाध्यक्ष एवं चेयरपर्सन प्रो. अनिल कुमार मित्तल ने कहा कि विभाग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उद्योग आधारित शिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योग-अकादमिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाकर विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कुल 213 विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 199 विद्यार्थी विभिन्न संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे हैं, 12 विद्यार्थी अपनी इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं, जबकि 2 विद्यार्थी शीघ्र ही प्रशिक्षण प्रारम्भ करेंगे। विद्यार्थियों को 150 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त हुए। इनमें डेलॉइट, एक्सेंचर, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा एआईए, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, जेप्टो, पिडिलाइट, गोदरेज कैपिटल तथा एसबीआई लाइफ जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 186 विद्यार्थी ऑफलाइन तथा 27 विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से इंटर्नशिप कर रहे हैं। कुल 45 विद्यार्थियों को सवेतन (पेड) इंटर्नशिप प्राप्त हुई, जबकि 168 विद्यार्थियों ने अवैतनिक (अनपेड) इंटर्नशिप की। सवेतन इंटर्नशिप में अधिकतम 22 हजार रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड प्राप्त हुआ। औसत स्टाइपेंड 8,712 रुपये तथा माध्यिका स्टाइपेंड 7,500 रुपये प्रतिमाह दर्ज किया गया।
प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट समन्वयक डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उत्कृष्ट इंटर्नशिप, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट विद्यार्थियों की उपलब्धियों और विभाग की उद्योगों के साथ मजबूत सहभागिता का प्रतिबिंब है।
इस अवसर पर प्रो. सिद्धार्थ भारद्वाज, डॉ. सलोनी, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. भंवर, डॉ. उत्कर्ष सहित विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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फाइनेंस में हुई सर्वाधिक इंटर्नशिप
कार्यात्मक क्षेत्रों में सर्वाधिक इंटर्नशिप फाइनेंस (47.89 प्रतिशत), ह्यूमन रिसोर्स (24.41 प्रतिशत), मार्केटिंग (15.96 प्रतिशत ), बिजनेस एनालिटिक्स (3.29 प्रतिशत ), ऑपरेशंस (2.35 प्रतिशत ), सेल्स (2.35 प्रतिशत ), सप्लाई चेन (0.94 प्रतिशत ) तथा आईटी (0.94 प्रतिशत ) में रही। उद्योगवार वितरण में बैंकिंग एवं फाइनेंशियल सर्विसेज (30.63 प्रतिशत ) प्रथम स्थान पर रही। इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग (18.02 प्रतिशत ), कंसल्टिंग (12.21 प्रतिशत), आईटी एवं आईटीईएस (9.86 प्रतिशत), रिटेल एवं एफएमसीजी (8.10 प्रतिशत), हेल्थकेयर (6.69 प्रतिशत), शिक्षा (4.69 प्रतिशत), बीमा (3.52 प्रतिशत), लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन (2.82 प्रतिशत) तथा अन्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप की। भौगोलिक दृष्टि से विद्यार्थियों ने दिल्ली-एनसीआर (93), हरियाणा (46), पंजाब (17), उत्तर प्रदेश (15), महाराष्ट्र (12), कर्नाटक (8) सहित देश के विभिन्न राज्यों में इंटर्नशिप कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
