करनाल, 7 जुलाई। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि जिला के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अनीमिया से मुक्त करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जिला के हर बच्चे को अनीमिया मुक्त बनाना है। यह कार्य आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य से जुड़ा है। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि इस अभियान को सफल बनाया जा सके।
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में अनीमिया मुक्त करनाल विषय की बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। बैठक में उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि जिला के सभी सरकारी स्कूलों में विशेष कैंप लगाकर बच्चों की जांच की जाए। अनीमिया से ग्रसित प्राथमिक स्कूल तक के बच्चों को 2 महीने और उससे ऊपर की कक्षाओं के बच्चों को 3 महीने तक आयरन और विटामिन की गोलियां दी जाएं।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयां सौंपी जाएंगी। यह नोडल अधिकारी कक्षावार बच्चों का रिकॉर्ड रखेंगे और मिड-डे मील के साथ बच्चों को दवाई खिलाना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही सप्ताह में दो दिन स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों को अनीमिया के कारणों और बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी विभाग टीम इन विशेष कैंपों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग करेंगी ताकि वे बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि अनीमिया विषय पर जागरूकता से संबंधित पंपलेट व बैनर छपवाए जाएं और सभी जागरूकता कार्यक्रमों में लगाया और बंटवाया जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ काम करें।
बैठक में एडीसी डॉ. राहुल रईया, सीएमजीजीए श्रुति मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी, डब्ल्यूसीडीपीओ मीना रतन, अनीमिया अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अभय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
