करनाल, 7 जुलाई। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार संपूर्ण देश में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण- 2026 का कार्य करवाया जा रहा है। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने से वंचित ना रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति या जिसकी मृत्यु हो चुकी हो वह मतदाता सूची में शामिल न रहे। इस अभियान के तहत 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जाएगा, केवल अपात्र व्यक्ति का नाम नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाते हुए मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इसके अलावा 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग तिथि मानकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवा भी अपनी वोट बनवा सकेंगे और जिन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति वोट बनवाने से वंचित न रहे तथा त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार की जाए। उपायुक्त ने कहा कि जिला में कुल 1181 बीएलओ नियुक्त किए गए है। उन पर निगरानी रखने के लिए सुपरवाईजर तैनात किए गए है। इसके अलावा संबंधित एसडीएम भी बीएलओ के कार्य पर कड़ी नजर रखेगें तथा वह स्वयं भी निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि नागरिक किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क कर सकते है।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की क्वालिफाइंग तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है तथा 21 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा और 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। जिनका निपटारा संबंधित ईआरओ द्वारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट होने पर मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी को दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकता है। इस निर्णय के विरूद्ध भी राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपत्ति दर्ज करवा सकते है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ एवं चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
सत्यापन के समय दिखा सकते ये दस्तावेज
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार केंद्र एवं राज्य सरकार/पीएसयू कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पहचान पत्र एवं पीपीओ नंबर मान्य होंगे। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र इत्यादि भी मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं। इन दस्तावेजों में से कोई एक बीएलओ को सत्यापन के लिए दिखा सकते है।
